सिसई में चल रहा था अवैध बूचड़खाना, प्रशासन ने किया सील, मांस और हड्डियों के अवशेष बरामद

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26 गुम 7 में हिंदू संगठन के लोग | Prabhat Khabar Network

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गुमला के सिसई में प्रशासन ने अवैध बूचड़खाने को सील किया है. संचालक इफ्तेखार अंसारी पर एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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सिसई: गुमला स्थित सिसई थाना क्षेत्र के बसिया रोड स्थित करंजबारी में संचालित अवैध बूचड़खाने को हिंदू समाज की शिकायत पर प्रशासन ने रविवार को सील कर दिया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक कमरे से भारी मात्रा में मांस के टुकड़े और काटने के औजार, जबकि दूसरे कमरे से हड्डियों के अवशेष बरामद किये हैं.

पुलिस ने बरामद सामग्री की मोबाइल से वीडियोग्राफी कराने के साथ ही फोरेंसिक जांच के लिये सैंपल एकत्र कर लिये हैं. बताया जाता है कि इससे पहले छह जुलाई को भी शिकायत मिलने पर इस बूचड़खाने को सील किया गया था. तब बूचड़खाने के संचालक इफ्तेखार अंसारी द्वारा माफीनामा देने और भविष्य में ऐसा नहीं करने के आश्वासन पर पशु अवशेष दफन कर मामला शांत कराया गया था.

हालांकि, पिछले एक सप्ताह से इलाके में तेज दुर्गंध फैल रही थी. शुरुआत में लोगों ने इसे पुराने अवशेषों की बदबू समझा, लेकिन दुर्गंध बढ़ने और शनिवार की रात दोबारा पशु काटे जाने की सूचना मिलने पर सच सामने आया.

आक्रोशित भीड़ की सूचना पर पहुंची पुलिस

रविवार की सुबह बड़ी संख्या में आक्रोशित लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया. सूचना मिलते ही एसआइ अजय कुमार, अरुण कुमार सिंह, सरदार जी पुलिस बल के साथ पहुंचे. बूचड़खाने के अंदर इतनी तेज बदबू थी कि लोगों को मुंह पर रुमाल और तौलिया बांधकर अंदर जाना पड़ा. मामले में भदौली निवासी प्रताप उरांव की शिकायत पर आरोपी इफ्तेखार अंसारी के खिलाफ अवैध बूचड़खाना चलाने और मांस-चमड़े की बिक्री करने का मामला दर्ज किया गया है.

हिंदू समाज में भारी आक्रोश

घटना को लेकर समाजसेवी संजय वर्मा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा और पंकज साहू समेत कई लोगों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि पहले माफी मांगने के बाद भी दोबारा ऐसी गतिविधि होना हिंदू समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है और यह प्रशासन के लिये सीधी चुनौती है. उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है. फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी. अवैध बूचड़खाना से मांस की बिक्री सिसई के कई इलाकों में हो रही थी. इसके अलावा छोटी गाड़ियों में प्लास्टिक में सीलबंद कर मांस को बंगाल तक पहुंचाया जा रहा था. पुलिस से अनुरोध है. इस मामले में कड़ी कार्रवाई हो. संजय वर्मा, समाज सेवी, सिसई


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दुर्जय पासवान

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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