Surya Grahan 2020 : आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद, सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद खुलेंगे भगवान के पट

Solar Eclipse, Surya Grahan June 2020 Date and Time, Timings in India, Surya Grahan Kab Lagega, Padega, Samay or Kab Ka Pad Raha Hai: गुमला : झारखंड के सभी जिलों में शनिवार (20 जून, 2020) की रात सात बजे आरती के बाद सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिये गये. अब मंदिर के पट रविवार (21 जून, 2020) को लगने वाले सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद खुलेगा. गुमला शहर के जसपुर रोड स्थित काली मंदिर के पुजारी गोपाल दुबे ने बताया कि सूतक शनिवार की रात 10:33 बजे लग रहा है. रविवार सुबह 10:33 बजे से ग्रहण शुरू हो जायेगा, जो दोपहर तक चलेगा.
गुमला/बगोदर : झारखंड के सभी जिलों में शनिवार (20 जून, 2020) की रात सात बजे आरती के बाद सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिये गये. अब मंदिर के पट रविवार (21 जून, 2020) को लगने वाले सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद खुलेगा. गुमला शहर के जसपुर रोड स्थित काली मंदिर के पुजारी गोपाल दुबे ने बताया कि सूतक शनिवार की रात 10:33 बजे लग रहा है. रविवार सुबह 10:33 बजे से ग्रहण शुरू हो जायेगा, जो दोपहर तक चलेगा.
इस निमित्त शनिवार की शाम 7:00 बजे आरती हुई और इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिये गये. रविवार की सुबह की आरती नहीं होगी. उन्होंने बताया कि अपराह्न 2:06 बजे तक ग्रहणकाल रहेगा. ग्रहण खत्म होने के बाद एक घंटे में मंदिर को धोया जायेगा और भगवान को स्नान करवाया जायेगा. इसके बाद मंदिर के पट फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये जायेंगे.
गुमला शहर के पालकोट रोड स्थित शक्ति मंदिर के पुजारी पंडित हरिशंकर मिश्रा ने बताया कि शनिवार की रात 10:33 बजे सूतक लग रहा है. इसके कारण शनिवार की शाम को संध्या आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिये गये. ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर को धोकर व मूर्ति को स्नान कराकर रविवार को दिन के 3:30 बजे से मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जायेंगे. पुजारियों ने लोगों से ग्रहण के दौरान सावधानी बरतने की अपील किये हैं.
Also Read: झारखंड में बीड़ी व्यवसायी से दिन-दहाड़े 5.10 लाख रुपये की लूट
इधर, गिरिडीह जिला के बगोदर में सूर्य ग्रहण के दौरान मंदिरों में पूजा-आर्चना बंद रहेगी. इस बाबत हरिहर धाम मंदिर के पुजारी विजय पाठक ने बताया कि चार राशियों के लिए शुभ और अन्य आठ राशियों के लिए यह ग्रहण अशुभ साबित हो सकता है. श्री पाठक ने कहा कि सूतक के दौरान मंदिरों में आरती और पूजा-पाठ नहीं होगा.
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की वजह से बगोदर के हरिहर धाम मंदिर आम लोगों के लिए बंद हैं. पुजारी ने बताया कि ग्रहण की समाप्ति के बाद मंदिर का शुद्धिकरण किया जायेगा. इसके बाद पूजा और आरती की शुरुआत होगी. उन्होंने बताया कि चार राशियों (सिंह, मेष, कन्या और मकर) राशियों के लिए यह ग्रहण शुभ साबित होगा. शेष राशियों के लोगों को क्षति, मान हानि हो सकता है.
Posted By : Mithilesh Jha
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




