अनुसूचित जनजाति से जुड़े मामलों का निष्पादन आयोग की प्राथमिकता : डॉ आशा लकड़ा

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अनुसूचित जनजाति से जुड़े मामलों का निष्पादन आयोग की प्राथमिकता : डॉ आशा लकड़ा

सर्किट हाउस गुमला में गुमला, लोहरदगा व सिमडेगा जिलों से संबंधित मामलों की हुई सुनवाई

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गुमला.

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की सदस्य डॉक्टर आशा लकड़ा ने शुक्रवार को सर्किट हाउस गुमला में गुमला, लोहरदगा व सिमडेगा जिलों से संबंधित मामलों की सुनवाई की. सुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष प्रस्तुत विभिन्न शिकायतों व मामलों पर संबंधित विभागों, संस्थानों के अधिकारियों तथा शिकायतकर्ताओं की उपस्थिति में शिकायतों की समीक्षा की गयी. आयोग द्वारा तीनों जिलों से संबंधित लगभग 16 मामलों की सुनवाई की गयी है. सुनवाई में भूमि विवाद, भूमि अधिग्रहण, शिक्षा, जाति प्रमाण पत्र समेत अन्य सामाजिक विषयों से जुड़े मामले प्रमुख रूप से शामिल थे. गुमला जिले से संबंधित नौ मामलों की सुनवाई कर उनका निष्पादन किया गया है. सुनवाई के दौरान भूमि हस्तांतरण व अधिग्रहण से जुड़े कई मामलों पर चर्चा हुई. राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के मुआवजा संबंधी मामलों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि कई लंबित मामलों का निष्पादन किया जा चुका है तथा प्रभावितों को भुगतान प्राप्त हुआ है. वहीं भारतमाला परियोजना से प्रभावित ऐसे परिवार, जिनकी भूमि अधिग्रहित होने के बाद आजीविका के सीमित साधन रह गये हैं. उनके मामलों पर विशेष संज्ञान लेते हुए उपायुक्त को पुनः जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने तथा आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. शिक्षा विभाग से संबंधित एक मामले में भरनो प्रखंड के विद्यालय की शिक्षिका के साथ हुए उत्पीड़न व लंबित वेतन भुगतान की शिकायत की समीक्षा में आयोग को अवगत कराया गया कि संबंधित मामले में आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की गयी है तथा शिक्षिका का लंबित वेतन भुगतान भी सुनिश्चित किया गया है. सिमडेगा जिले से संबंधित एक पारिवारिक भूमि बंटवारा विवाद की सुनवाई करते हुए आयोग ने पक्षकारों को विधि-सम्मत प्रक्रिया के तहत समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का सुझाव दिया. लोहरदगा जिले के एक पुरानी भूमि विवाद से जुड़े मामले में आवश्यक अभिलेखों व वंशावली संबंधी तथ्यों के परीक्षण के बाद अगली सुनवाई निर्धारित की गयी. सुनवाई के दौरान गुमला जिले में जनजातीय समाज की पारंपरिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का विषय प्रमुखता से उठाया गया. डॉक्टर आशा लकड़ा ने उपायुक्त को निर्देश दिया कि जनजातीय समुदाय की पारंपरिक पड़हा व्यवस्था तथा ग्राम स्तरीय सामाजिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक पहल की जाये. उन्होंने पाहन, पुजार, कोटवार समेत अन्य पारंपरिक पदों के चिन्हित तथा पंचायत व्यवस्था के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में कार्य करने का सुझाव दिये. साथ ही इस संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदाय से जुड़े मामलों का समयबद्ध निष्पादन, उनके अधिकारों का संरक्षण तथा विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आयोग की प्राथमिकता है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों में संवेदनशीलता व गंभीरता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. मौके पर उपायुक्त दिलेश्वर महतो, एसपी हारिश बिन जमां, डीडीसी अनिमेष रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी महेश कुमार, डीसीएलआर राजीव कुमार आदि उपस्थित थे.

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