बिशुनपुर. गुरदरी थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई दो हृदय विदारक घटनाओं के बाद अनाथ हुए सात मासूम बच्चों को पुलिस ने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए स्वयंसेवी संस्था विकास भारती को सौंपा है. गुरदरी थाना प्रभारी प्रकाश तिर्की के आग्रह पर शुक्रवार को बच्चों को बिशुनपुर मुख्यालय स्थित संस्था में सुरक्षित आश्रय के लिए भेजा गया. थाना प्रभारी ने बताया कि बीते एक जनवरी को अमतीपानी गांव निवासी बुद्धेश्वर असुर ने अपनी पत्नी दीपशिखा कुमारी की हत्या कर दी थी. मां की मौत व पिता के जेल जाने के बाद चार छोटे बच्चे अनाथ हो गये. वहीं जोभीपाठ गांव में शनिचरवा असुर द्वारा पत्नी ऋषि असुरीन की हत्या किये जाने से उनके तीन बच्चे भी बेसहारा हो गये. दोनों मामलों में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया हैं. लेकिन घटनाओं से सात मासूम बच्चे अनाथ हो गये. ऐसे में इन मासूम बच्चों की देखभाल, शिक्षा व उनके अच्छे भविष्य को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए उन्हें विकास भारती को सौंपने का निर्णय लिया. विकास भारती के संयुक्त सचिव महेंद्र भगत ने बच्चों को संस्था में ग्रहण करते हुए कहा कि संस्था स्थापना काल से ही गरीब, असहाय व अनाथ बच्चों के लिए काम कर रही है. विकास भारती वर्तमान में लगभग 320 बच्चों को आवास, शिक्षा, भोजन व संस्कार प्रदान कर रही है. उन्होंने आश्वस्त किया कि इन बच्चों को भी बेहतर शिक्षा व सुरक्षित वातावरण देकर आत्मनिर्भर बनाने का हरसंभव प्रयास किया जायेगा. यह पहल प्रशासन व सामाजिक संस्थाओं के बीच समन्वय का एक सराहनीय उदाहरण है.
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