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प्रभात खबर विशेष : गुमला में अब नक्सली अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं, बोले एसपी हरविंदर सिंह

गुमला एसपी ने जिले के लोगों से अपील की है कि कोई भी घटना हो, पुलिस को जरूर सूचना दें. क्राइम की कोई योजना, अंजान व्यक्ति, कहीं कुछ आशंका हो तो जरूर पुलिस को बताएं, ताकि पुलिस उस पर तुरंत एक्शन ले सके. मैं विश्वास दिलाता हूं कि पुलिस लोगों की सुरक्षा व क्राइम को रोकने में बेहतर काम करेगी.

गुमला, दुर्जय पासवान : गुमला जिले में अब नक्सली अपनी जेबें भरने में लगे हुए हैं. भाकपा माओवादी हो या पीएलएफआई के सदस्य. इनका एक ही मकसद बच गया है, लेवी वसूलो और अपनी जेब भरो. ये बातें गुमला जिले के पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने प्रभात खबर से बात में कहीं. एसपी ने कहा कि एक समय था, जब नक्सल चरम पर था. अब धीरे-धीरे नक्सलवाद समाप्त हो रहा है. फिर भी हम यह नहीं कह सकते कि नक्सलवाद पूरी तरह से समाप्त हो गया है. उन्होंने कहा कि भाकपा माओवादी का विस्तार तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार से लेकर झारखंड तक है. हालांकि, जिस प्रकार पुलिस काम कर रही है, आने वाले 10-15 सालों में नक्सली और नक्सलवाद दोनों अंतिम सांस लेता नजर आएगा. एसपी ने कहा कि सरकार ने नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई योजना शुरू की है. इसका फायदा नक्सलियों को उठाना चाहिए. मुख्यधारा से जुड़कर नक्सली सुरक्षित अपने परिवार के साथ खुशहाल रहेंगे.

मुख्यधारा से जुड़ेंगे, तो परिवार के साथ रह सकेंगे नक्सली

उन्होंने कहा कि एक तो उन्हें परिवार के साथ रहने का मौका मिलेगा. साथ ही सरकार से मिलने वाली सुविधा से जीविका भी चला सकेंगे. एसपी ने कहा है कि गुमला में योगदान दिए मुझे एक सप्ताह बीत गए. मैंने गुमला में नक्सल के बारे में जो पता किया है, उसके मुताबिक, धीरे-धीरे नक्सली खत्म हो रहे हैं. कुछ नक्सली बचे हैं. उनकी सूची तैयार है. उन नक्सलियों के खिलाफ जल्द बड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि गुमला को नक्सलमुक्त बनाया जा सके.

गुमला में डायन बिसाही बड़ी चुनौती है

एसपी ने कहा है कि गुमला जिले में डायन बिसाही व अंधविश्वास बड़ी चुनौती है. किसी भी शक, आशंका, भ्रम व अफवाह में लोग किसी वृद्ध महिला व पुरुष पर डायन बिसाही का आरोप लगाकर क्राइम कर बैठते हैं. गुमला में कई ऐसी घटनाएं घट चुकी हैं, जो चुनौती है. गुमला पुलिस ने लगातार डायन-बिसाही व अंधविश्वास के मामलों में बेहतर काम किया है. डायन-बिसाही व अंधविश्वास के खिलाफ पुलिस लगातार मुहिम चला रही है. लोगों को जागरूक किया जा रहा है. इसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं. लोगों से अपील है कि अंधविश्वास के भ्रम से निकलें. अगर कहीं अंधविश्वास में कोई गलत कदम उठा रहा है, तो उसकी सूचना पुलिस को दें.

गुमला में कल्चर रेप की घटनाएं अधिक

एसपी हरविंदर सिंह ने कहा है कि दिल्ली, मुंबई या अन्य बड़े शहरों की तुलना में गुमला में रेप की घटनाएं अलग हैं. गुमला में कल्चर रेप की घटनाएं अधिक घटती हैं. युवक व युवती में पहले से जान-पहचान रहती है. इसके बाद रेप की घटना घटती है. यहां अधिकांश जान-पहचान के मामले में ही बलात्कार की घटनाएं होती हैं. बड़े शहरों में पूरी प्लानिंग के तहत ऐसी घटनाएं होती हैं. गुमला में पुलिस के लिए बलात्कार के मामले भी बड़ी चुनौती हैं.

लोगों से अपील, पुलिस को सूचना दें

गुमला एसपी ने जिले के लोगों से अपील की है कि कोई भी घटना हो, पुलिस को जरूर सूचना दें. क्राइम की कोई योजना, अंजान व्यक्ति, कहीं कुछ आशंका हो तो जरूर पुलिस को बताएं, ताकि पुलिस उस पर तुरंत एक्शन ले सके. मैं विश्वास दिलाता हूं कि पुलिस लोगों की सुरक्षा व क्राइम को रोकने में बेहतर काम करेगी.

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Mithilesh Jha
Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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