पालकोट. प्रखंड के तपकारा गांव के किसानों द्वारा दतली जलाशय की मुख्य नहर में पक्की दीवार बनाने से जलापूर्ति में रुकावट उत्पन्न हो गयी है, जिससे आसपास के गांवों के किसानों को सिंचाई करने में परेशानी हो रही है. इस मुद्दे को लेकर प्रभात खबर में प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की. उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने बसिया एसडीओ जयवंती देवगम व बीडीओ विजय उरांव को जांच करने के लिए तपकारा गांव भेजा. जांच के दौरान एसडीओ व बीडीओ ने नहर में किये गये अवरोध का निरीक्षण किया और वहां के किसानों से बातचीत की. अभियंता गौतम कुमार महतो ने बताया कि पूर्व के अभियंता द्वारा नहर में पक्की दीवार बनायी गयी थी, जबकि यह कार्य लिखित अनुमति के बिना किया गया था. एसडीओ ने जलापूर्ति को सुचारू करने के लिए नहर की सफाई और मरम्मत करने के निर्देश दिये. साथ ही विभाग को सुनिश्चित करने के लिए कहा कि जलापूर्ति में किसी भी प्रकार की समस्या न हो. यह कार्य अप्रैल तक पूरा करने का आदेश दिया गया. मौके पर तपकारा पंचायत सचिव रामरतन मिंज, किसान अजय लकड़ा, संतोष लकड़ा, प्रसाद बड़ाइक समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे.
आंजन धाम में लगाया गया महाभंडारा
टोटो. गुमला प्रखंड के आंजन धाम मंदिर विकास समिति ने मंगलवार को महाभंडारा लगाया. इससे पूर्व माता अंजनी व बाल हनुमान की पूजा पाठ कर क्षेत्र की खुशहाली का कामना की गयी. मौके पर महेश साहू, प्रशांत, झमन केरा, अमन आनंद, श्रीदेव सिंह, सविता साहू, पूजा साहू, विवेक जायसवाल, राजेश चीक बड़ाइक, अनमोल कुमार लाल, एकेश्वर, जलेश्वर कुमार सिंह, सुशील तिवारी, अजय उरांव, विकास पाठक, नितेश पाठक, प्रेम कुमार जायसवाल समेत अन्य मौजूद थे. इधर पूर्व जिप सदस्य हंदू भगत ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंप कर आंजन धाम में व्यवस्था बहाल करने की मांग की है. ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड सरकार द्वारा घोषित राजकीय धरोहर आंजन धाम में बढ़ते श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुविधा बहाल की जाये.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है