गुमला के कुख्यात नक्सली रामदेव की सुरक्षा बलों से मुठभेड़, हथियार छोड़कर भागा झांगुर ग्रुप का सुप्रीमो

गांव की गलियों और पहाड़ों पर सर्च ऑपरेशन में जुटे सुरक्षा बलों के जवान. फोटो : प्रभात खबर
Naxal Encounter in Gumla: सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के बीच गोलियां बरसाते हुए झांगुर ग्रुप का सुप्रीमो और गुमला का कुख्यात नक्सली रामदेव उरांव फरार हो गया. उसकी तलाश में सुरक्षा बलों के जवान जंगलों और गांवों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं.
Naxal Encounter in Gumla| गुमला, दुर्जय पासवान : झारखंड के गुमला जिले में कुख्यात नक्सली रामदेव उरांव को गुमला पुलिस, एसएसबी और झारखंड जगुआर ने घेर लिया है. सुरक्षा बलों ने उसी की मांद में उसको घेरा है. सुरक्षा बलों के जवान रामदेव के गढ़ देवरागानी जंगल में घुसकर उसे घेर लिया है. सुरक्षा बलों से घिरने के बाद रामदेव उरांव अपने गिरोह के साथ हथियार छोड़कर भाग खड़ा हुआ. हालांकि, सुरक्षा बलों के जवानों को उम्मीद है कि रामदेव उसी इलाके में कहीं छिपा है. इसलिए जवान रामदेव की तलाश में जंगल की खाक छान रहे हैं.
रविवार को ही देवरागानी जंगल में घुसे थे सुरक्षा बलों के जवान
पुलिस ने बताया है कि रविवार को दोपहर में पुलिस फोर्स और सुरक्षा बलों के जवान देवरागानी जंगल में घुसे थे. रामदेव उरांव पहले से वहां छिपा था. सुरक्षा बलों के जवानों को देखते ही रामदेव ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. पुलिस को भारी पड़ता देख रामदेव उरांव वहां से भागने लगा. देवरागानी का पूरा इलाका घने जंगलों से घिरा है. इस क्षेत्र में कई पहाड़ी गुफाएं भी हैं. इसलिए रामदेव क्षेत्र की भौगोलिक बनावट का फायदा उठाकर इलाके में कहीं छिप गया है. पुलिस अलग-अलग इलाके में रामदेव की तलाश में जुटी है.

गुमला एसपी और एसएसबी 32 बटालियन के कमांडेंट ने की अगुवाई
पुलिस अधिकारी ने बताया कि झांगुर ग्रुप के सुप्रीमो रामदेव उरांव और उसके साथियों की तलाशी और सत्यापन के लिए गुमला के एसपी शंभु सिंह और 32 एसएसबी बटालियन गुमला के कमांडेंट राजेश सिंह के नेतृत्व में 32 एसएसबी गुमला के जवानों और गुमला जिले की बिशुनपुर, गुरदारी और घाघरा पुलिस की टीम के साथ 19 जनवरी 2025 की शाम को एक संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया था. रात में एलयूपी को देवरागानी गांव के पास पहाड़ियों पर ले जाया गया. इसी दौरान ज्वाइंट टीम ने शाम 5:00 बजे गांव में संदिग्ध घर की घेराबंदी कर दी.
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गोलीबारी करते हुए हथियार छोड़कर भागा नक्सली रामदेव उरांव
शाम को 5:35 बजे रामदेव उरांव का पता लगा लिया गया, लेकिन नक्सली ने उधर से गोलीबारी शुरू कर दी. सुरक्षा बलों पर गोलियां बरसाते हुए वह पास की आबादी वाली बस्ती में भाग गया. सुरक्षा बलों पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों के जवानों ने भी फायरिंग की, लेकिन अंधेरे का लाभ उठाकर नक्सली रामदेव फरार हो गया. गांव और आसपास के इलाकों को एसएसबी और पुलिस के जवानों ने घेर लिया.

रामदेव उरांव की तलाश में गांव और जंगलों की खाक छान रहे जवान
सोमवार 20 जनवरी 2025 को सुबह होते ही रामदेव उरांव की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. पुलिस ने कहा है कि दोनों ओर से हुई फायरिंग में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. सर्च ऑपरेशन खत्म होने के बाद मालूम होगा कि कितने राउंड की फायरिंग हुई थी. कितने हथियार बरामद हुए हैं. किस हथियार से फायरंग की गई. समाचार लिखे जाने तक तलाशी में जवानों को एक AK-47 राइफल और एक 303 बोल्ट एक्शन राइफल के अलावा गोला-बारूद मिले हैं. कोई व्यक्ति पकड़ में नहीं आया है. गांव में अभी भी तलाशी अभियान जारी है.
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By Mithilesh Jha
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