गुमला. जिले में कारीगरों के उत्पादों को बेहतर रूप, गुणवत्ता व बाजार उपलब्ध कराने के लिए शुक्रवार को जिला प्रशासन गुमला व नीड्स (एनइइडीएस) संस्था के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया. इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से डीपीओ रमण कुमार व एकांश सोमानी, बादल कुमार जायसवाल, रंजीत कुमार महतो, प्रमिला कुमारी (नीड्स), जिला उद्यमी समन्वयक सूरज कुमार व प्रखंड उद्यमी समन्वयक शशि भूषण साहू मौजूद रहे. इस साझेदारी के माध्यम से कारीगरों के उत्पादों की स्किलिंग, पैकेजिंग व विपणन को नया आधार मिलेगा. डीपीओ रमण कुमार ने बताया कि वर्षों से अपने हाथों के हुनर से सुंदर और उपयोगी उत्पाद बनाने वाले जिले के कारीगरों को अब उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलने की राह खुल रही है. उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के दिशा-निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन की सतत पहल से अब कारीगरों का हुनर केवल कार्यशालाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बाजार तक पहुंचेगा और उनकी आमदनी को मजबूत करेगा. उन्होंने बताया कि कारीगरों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के माध्यम से जिले के कारीगरों की पहचान व मैपिंग की गयी है. कारीगरों को जिला प्रशासन द्वारा टूल किट भी उपलब्ध कराया गया है. साथ ही कौशल उन्नय का प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि कारीगरों का पारंपरिक हुनर आधुनिक जरूरतों के अनुरूप और बेहतर बन सके. कारीगरों को एससीए मद से कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) भवन भी उपलब्ध कराया गया है. अब जिला प्रशासन ने कारीगरों की सबसे बड़ी चिंता बाजार का भी समाधान करने की दिशा में कदम बढ़ाया है.
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