गुमला में उर्वरकों की कालाबाजारी करनेवाले विक्रेताओं की अनुज्ञप्ति होगी रद्द

Updated at : 14 Jun 2021 1:57 PM (IST)
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गुमला में उर्वरकों की कालाबाजारी करनेवाले विक्रेताओं की अनुज्ञप्ति होगी रद्द

उर्वरकों की खरीदारी के लिए सरकार द्वारा अनुदान मूल्य निर्धारित किया गया है. बताते चलें कि यूरिया की प्रति बोरी 45 किग्रा और अन्य उर्वरकों की बोरी 50 किग्रा पैकेट की होती है. सभी उर्वरकों की कंपनीवार अलग-अलग मूल्य निर्धारित है. सरकार द्वारा निर्धारित दर पर किसान उर्वरक खरीद सकते हैं. बताते चलें कि गुमला जिला में हर साल उर्वरकों की कालाबाजारी आम बात है.

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गुमला : मॉनसून गुमला पहुंच गया है. तीन दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है. अच्छी बारिश हो रही है. अच्छी बारिश होने के कारण जिले के किसानों ने खेती-बारी का काम शुरू कर दिया है. खेती-बारी के काम में किसानों को उर्वरक की जरूरत होती है. इस जरूरत को पूरा करने के लिए जिले के खाद-बीज दुकानों में उर्वरक भी उपलब्ध है. जहां से किसान आसानी से उर्वरक खरीद सकते हैं.

उर्वरकों की खरीदारी के लिए सरकार द्वारा अनुदान मूल्य निर्धारित किया गया है. बताते चलें कि यूरिया की प्रति बोरी 45 किग्रा और अन्य उर्वरकों की बोरी 50 किग्रा पैकेट की होती है. सभी उर्वरकों की कंपनीवार अलग-अलग मूल्य निर्धारित है. सरकार द्वारा निर्धारित दर पर किसान उर्वरक खरीद सकते हैं. बताते चलें कि गुमला जिला में हर साल उर्वरकों की कालाबाजारी आम बात है.

सरकार द्वारा निर्धारित दर से भी अधिक दर पर उर्वरकों की बिक्री की जाती है. जिससे भले ही विक्रेताओं की चांदी होती है. परंतु किसानों की जेब ढीली हो जाती है. वहीं कई किसानों को तो उर्वरक खरीदने के लिए काफी जद्दोजहद भी करनी पड़ती है. परंतु इस बार ऐसा नहीं होगा. जिला कृषि विभाग द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि समुचित किसानों को

सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य और समय पर उर्वरक मिले और सरकार द्वारा निर्धारित दर से अधिक दर पर उर्वरकों की बिक्री करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. यदि किसी विक्रेता द्वारा जबरन अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर अनुदानित उर्वरकों की बिक्री की जाती है अथवा कालाबाजारी की जाती है तो संबंधित विक्रेता की अनुज्ञप्ति रद्द करते हुए उनके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश ए के तहत सख्त कार्रवाई की जायेगी.

विभिन्न कंपनी के खाद की कीमत तय

इफको कंपनी की यूरिया 266 रुपये, डीएपी 1200 रुपये, कॉम्प्लेक्स (20:20:0:13) 975 रुपये, एनएफएल कंपनी की यूरिया 266.50 रुपये, डीएपी 1200 रुपये, ग्रासिम कंपनी की यूरिया 266.50 रुपये, वाईएआरए कंपनी की यूरिया 266.50 रुपये, केएफएल कंपनी की यूरिया 266.50 रुपये, डीएपी 1200 रुपये, काम्प्लेक्स (20:20:0:13) 1050 रुपये, इंडोरमा कंपनी की डीएपी 1200 रुपये,

एमओपी 850 रुपये, एसएसपी कंपनी की एसएसपी 422 रुपये, कॉम्पलैक्स (12:32:16) 1335 रुपये, (10:26:26) 1375 रुपये, आईपीएल कंपनी की डीएपी 1200 रुपये, एमओपी 1000 रुपये, पीपीएल कंपनी की डीएपी 1200 रुपये, एमओपी 1000 रुपये, कॉम्प्लेक्स (20:20: 0:13) 1090 रुपये, साई कंपनी के एसएसपी का एसएसपी-पी 400 रुपये, एसएसपी-जी 440 रुपये और केसीएफेल कंपनी के एसएसपी का एसएसपी-पी 400 रुपये, एसएसपी-जी 460 रुपये, एसएसपी-जी(जेडएन) 485 रुपये प्रति पैकेट है.

जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा

जिला कृषि पदाधिकारी सत्यनारायण महतो ने बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी अथवा गैर अनुदानित उर्वरक बिक्री करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी. इसके अतिरिक्त सात सालों तक सजा का भी प्रावधान है. यदि किसी भी खुदरा विक्रेता द्वारा उक्त निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री की जाती है तो संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, जिला कृषि पदाधिकारी अथवा संयुक्त कृषि निदेशक कार्यालय में शिकायत कर सकते है.

Posted By : Sameer Oraon

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