गुमला के डुमरी में नल-जल योजना में भारी गड़बड़ी, सरकारी चापानल और जलमीनार खराब, डाड़ी का पानी पीते हैं बिरहोर

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 07 Jun 2023 11:43 AM

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डुमरी गांव के करनी पंचायत में परिसर में लगे दो चापाकल खराब हैं व जलमीनार भी बेकार पड़ी है. तीन माह पूर्व घर घर जल नल योजना के तहत नल लगा है, परंतु, बनने के बाद से पानी सप्लाई नहीं है. लोग एक किमी दूर खेत में बने कुआं से पानी लाकर पीते हैं.

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डुमरी प्रखंड की करनी पंचायत में बिरहोर कॉलोनी है, जहां बिजली है, पर पानी व रोजगार अभाव है. प्रकाश बिरहोर, बुधराम बिरहोर, धर्मेंद्र बिरहोर, बाबूलाल बिरहोर, लालमुनी बिरहोरिन, चिंता बिरहोरिन, निशा बिरहोर, किशोर बिरहोर, खुशबू बिरहोर ने बताया कि गांव में पेयजल की समस्या है. गांव परिसर में लगे दो चापाकल खराब हैं व जलमीनार भी बेकार पड़ी है. तीन माह पूर्व घर घर जल नल योजना के तहत नल लगा है, परंतु, बनने के बाद से पानी सप्लाई नहीं है.

लोग एक किमी दूर खेत में बने कुआं से पानी लाकर पीते हैं. कॉलोनी में एनी बिरहोरिन, रामनाथ बिरहोर, मानदेव बिरहोर, राजू बिरहोर, मरियम बिरहोरिन, बिहनी बिरहोरिन, बुधरा बिरहोर, धर्मेश बिरहोर, महिमा बिरहोरिन, सोनामुनी बिरहोरिन, सेंचली बिरहोरीन, बुद्धि कोरवाइन का बिरसा आवास बन रहा है. सोलिंग, फिनिशिंग नहीं किया गया है. लालमुनी बिरहोरीन के घर की नींव खुदाई, बालकिशन बिरहोर की दीवार अधूरी, सविता बिरहोरिन के आवास की नींव खुदाई नहीं हुई है.

यहां पर करीब 25 वर्ष पूर्व बिरहोर कॉलोनी के नाम से बिरसा आवास देकर बस्ती बना कर बसाया गया था. हमारे पुरखैती धंधा रस्सी बनाने का काम था. बाजार में आधुनिक प्लास्टिक रस्सी के आने से हमारी रस्सी का धंधा बंद हो गया. वर्तमान में अपने पुराने धंधे या रोजगार की ओर लौट रहे हैं. उसके लिए प्रशासन की ओर से सहयोग की जरूरत है. हमलोग अभी चोप (जंगली पेड़ का छिलका) का रस्सी बनाते हैं. लकड़ी की ओखली बनाना, ढोल-मंदार की खोल बनाते हैं.

हमें सरकार रोजगार के लिए बकरी, सूअर, बतख, मुर्गी आदि पालने के लिए दें. सरकार हमारे लिए खेतीबारी करने के लिए जमीन उपलब्ध करा दें. कई लोगों का राशन कार्ड नहीं बना है. हम गरीबी के कारण बच्चों को नहीं पढ़ा सकते हैं. केजीबी विद्यालय में हमारी कॉलोनी की चार बच्चियां पढ़ रही हैं. सभी लोगों ने पानी के एक डीप बोरिंग, रोजगार, जॉब कार्ड बनवाने की मांग की है.

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