जबरन सड़क बनायी गयी, तो हाइकोर्ट जायेंगे

Updated at :12 May 2026 9:48 PM
विज्ञापन
जबरन सड़क बनायी गयी, तो हाइकोर्ट जायेंगे

ग्रामीणों, किसानों व आदिवासी नेताओं ने प्रशासन व शिवालया कंपनी के खिलाफ खोला मोर्चा

विज्ञापन

गुमला. भारत माला सड़क निर्माण परियोजना को लेकर गुमला जिले में चल रहे विवाद अब बड़ा जन आंदोलन बन गया है. शिवालया कंपनी पर जबरन खेती योग्य जमीन पर सड़क बनाने का आरोप लगा कर ग्रामीणों ने विरोध किया है. इसमें महात्मा गांधी व जतरा टाना भगत के अनुयायी टाना भगत समाज के लोग भी शामिल हैं. टाना भगतों ने कहा है कि हम अपनी पूर्वजों की जमीन पर सड़क बनने नहीं देंगे. इधर लट्ठा बरटोली गांव में लगातार गहरा रहे विवाद के बाद कोलपारा-घट्ठा गांव में बैठक मंगलवार को हुई. बैठक में ग्रामीणों, किसानों व आदिवासी नेताओं ने एकजुट होकर प्रशासन व शिवालया कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. बैठक में महिलाओं के साथ कथित अभद्रता, किसानों की फसल बर्बाद करने और बिना सहमति जबरन सड़क निर्माण कार्य कराने के आरोपों को लेकर नाराजगी जतायी गयी. शिवालया कंपनी के खिलाफ उग्र आंदोलन करने व हाईकोर्ट में केस करने का निर्णय लिया गया. बैठक की अगुवाई ग्राम प्रधान टिपरू मुंडा ने की. कहा कि गांव के किसानों ने अपनी जमीन पर धान की बुआई की थी और फसल की सुरक्षा के लिए खेतों की घेराबंदी की गयी थी. इसके बावजूद 11 मई को भारत माला सड़क निर्माण परियोजना से जुड़ी शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी के लाइजिंग मैनेजर दिगंबर सिंह अपने कर्मचारियों और मशीनों के साथ गांव पहुंचे और खेतों में जबरन निर्माण कार्य शुरू करा दिया. टिपरू मुंडा ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान किसानों की धान लगी फसल को रौंद दिया गया. जब महिला जमीन मालिकों और ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया. बैठक में ग्रामीणों ने कहा है कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को सुनने के बजाय कंपनी के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है. लोगों ने आरोप लगाया है कि बिना उचित मुआवजा दिये और ग्रामीणों की सहमति लिए जबरन जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है. आदिवासी महिला नेता ज्योति एक्का ने कहा है कि यह आदिवासी जमीन, सम्मान और अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है. यदि ग्रामीणों की बात नहीं सुनी गयी, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा. इधर, ग्राम प्रधान टिपरू मुंडा ने साफ कहा कि जमीन व अधिकारों की रक्षा के लिए ग्रामीण अब कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. उन्होंने घोषणा की कि इस मामले को लेकर जल्द हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जायेगा. साथ ही महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और जातिसूचक व्यवहार के मामले को मुख्यमंत्री तथा एसटी-एससी आयोग तक पहुंचा कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की जायेगी. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जब तक किसानों को उचित मुआवजा, फसल नुकसान की भरपाई और न्याय नहीं मिलता, तब तक गांव में निर्माण कार्य का विरोध जारी रहेगा. इधर, गांव की काजल कुमारी ने कहा है कि खेती योग्य जमीन पर जबरन सड़क बनाने के विरोध के बाद गांव के लोगों ने कई बार गुमला उपायुक्त से मिलने का प्रयास किया. लेकिन भारत माला सड़क की बात आते डीसी हमलोगों से मिलना नहीं चाहते हैं.

अधिकारी गांव पहुंच ग्रामीणों को समझाने का किया प्रयास

इधर, गांव के तनाव व उग्र माहौल को देखते हुए डीसी के निर्देश पर मंगलवार को प्रशासन की एक टीम गांव पहुंची. गांव में सड़क निर्माण को लेकर चल रहे विवाद को अधिकारियों ने समझने का प्रयास किया. साथ ही ग्रामीणों से शांतिपूर्ण तरीके से बात की.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola