गुमला. शारदीय नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा के छठे रूप मां कात्यायनी की पूजा की. भक्तों ने विशेषकर महिला भक्तों ने मां कात्यायनी की पूजा कर वैवाहिक जीवन में सुख व शांति की कामना की. शास्त्रों में कहा गया है कि जो भक्त श्रद्धा से मां कात्यायनी की पूजा करते हैं. माता उनकी सभी कष्ट को दूर करती हैं. उनकी पूजा करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है. धार्मिक कथाओं के अनुसार ऋषि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर जन्म लिया था. इसलिए वे कात्यायनी कहलाती हैं. जो मनुष्य मन, वाणी और कर्म से शुद्ध होकर माता कात्यायनी की पूजा करते हैं. माता उनकी सभी दुखों को दूर करती हैं. विवाह होने में किसी प्रकार की कठिनाई हो, तो मां कात्यायनी की पूजा करने से विवाह बाधा दूर होती है. वैवाहिक जीवन में भी यदि किसी प्रकार की कठिनाई हो, तो इनकी पूजा करने से सभी प्रकार का कष्ट दूर होते हैं.
पर्व को लेकर नियंत्रण कक्ष बना
गुमला. दुर्गा पूजा के दौरान किसी प्रकार की घटना की रोकथाम व त्वरित समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष गुमला (पुराना समाहरणालय के समीप) में 24 घंटे कार्यरत रहेगा. आमजन त्योहार के दौरान सभी तरह की महत्वपूर्ण सूचनाएं दूरभाष संख्या 06524-223686 व 9798148089 पर उपलब्ध करा सकते हैं. त्योहार के दौरान नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी अपने निर्धारित रोस्टर के अनुसार प्रतिनियुक्ति की पूरी अवधि में जिला नियंत्रण कक्ष में उपस्थित रहेंगे. जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील है कि शांति व सौहार्द्र बनाये रखने में सहयोग प्रदान करें और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी उपरोक्त नंबरों पर तुरंत दें.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

