मां का दर्शन कर निहाल हुए भक्त

Updated at : 29 Sep 2025 10:55 PM (IST)
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मां का दर्शन कर निहाल हुए भक्त

शारदीय नवरात्र. पूजा पंडालों के पट खुलते उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, मां दुर्गा की भक्ति में डूबा गुमला

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शारदीय नवरात्र. पूजा पंडालों के पट खुलते उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, मां दुर्गा की भक्ति में डूबा गुमलागुमला. गुमला शहर के सभी पूजा पंडालों का पट सोमवार को भक्तों के लिए खोल दिया गया. पंडालों के पट खुलते भक्तों की भीड़ मां का दर्शन के लिए उमड़ पड़ी. भक्त का का दर्शन व पूजा कर निहाल हो गये. भक्त पूजा व मां के दर्शन करने को पहुंच रहे हैं. शाम को पूरे उत्साह के साथ मां की आरती की गयी. श्रद्धालुओं ने रंगबिरंगी और झिलमिलाती विद्युत सज्जा के बीच पंडालों में घूमने का लुत्फ उठाया. वहीं पूजन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. प्रसाद में कहीं खीर, कहीं बुंदिया तो कहीं फलों का वितरण किया गया. पंडालों में मां दुर्गा समेत अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित की गयी हैं, जो भक्तों को अपनी और आकर्षित कर रही है.

श्रीबड़ा दुर्गा मंदिर में 95 सालों से हो रही पूजा

गुमला. श्रीबड़ा दुर्गा मंदिर गुमला में 94 सालों से पूजा की जा रही है. यहां पहली बार सन 1931 ईस्वी में पूजा की गयी थी. दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष निर्मल कुमार गोयल व सचिव रमेश कुमार चीनी ने बताया कि मंदिर में भारत देश की आजादी के पहले से पूजा की जा रही है. तब और अब के पूजा में काफी अंतर है. अब पूजा का बजट भी अधिक हो गया है. उन्होंने बताया कि यह मंदिर सनातन धर्मावलंबियों के आस्था का केंद्र है. हर साल पूजा में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ जुटती है.

नवयुवक संघ का पंडाल कर रहा आकर्षित

गुमला. भारतीय नवयुवक संघ महावीर चौक गुमला द्वारा 26 वर्षों से पूजा की जा रही है. संघ द्वारा पहली बार वर्ष 2000 ईस्वी में महावीर चौक में सार्वजनिक पूजा पंडाल बनाकर मां दुर्गा की पूजा की गयी थी. संघ के संरक्षक हिमांशु केशरी ने बताया कि जिस समय महावीर चौक में दुर्गा पूजा की शुरुआत की गयी थी. उस समय गुमला शहर का इतना विकास नहीं हुआ था. पूजा पंडाल व प्रतिमा दोनों श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र है.

शक्ति संघ 1982 से कर रहा पूजा

गुमला. शहर में शक्ति संघ मां शक्ति मंदिर पालकोट रोड में पहली बार सन 1982 ईस्वी में पूजा की गयी थी. इसके बाद हर साल पूजा की जा रही है. संघ द्वारा बनवाया गया पूजा पंडाल व पंडाल में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा काफी आकर्षक है.

ज्योति संघ में 64 सालों से की जा रही पूजा

गुमला. ज्योति संघ गुमला द्वारा 64 सालों से पूजा की जा रही है. संघ द्वारा सर्वप्रथम सन 1962 ईस्वी में पूजा की गयी थी. संघ के अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि छह दशक पार करने के बाद लगातार सातवें दशक में भी पूजा हो रही है. उन्होंने बताया कि पूर्व के समय में काफी कम खर्च में ही पूजा संपन्न कर ली जाती थी, परंतु अभी के समय में पूजा का खर्च काफी अधिक हो गया है.

भवानी संघ में 2002 से हो रही पूजा

गुमला. लोहरदगा रोड कुम्हारटोली के समीप मां भवानी संघ द्वारा वर्ष 2002 से पूजा की जा रही है. संघ के सदस्यों ने बताया कि पंडाल में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी हैं. वहीं जय मां देवी दुर्गा संघ श्री लक्ष्मण नगर गुमला द्वारा विगत पांच सालों से पूजा की जा रही है. यहां पहली बार सन 2021 में पूजा की गयी थी.

मालवीय नगर में सन 1953 से हो रही है पूजा

गुमला. मालवीय नगर करौंदी में दुर्गा पूजा का इतिहास काफी पुराना है. यहां सन 1953 से पूजा की जा रही है. पूजा के दौरान करौंदी, तेलगांव समेत आसपास के गांवों के लोगों की काफी भीड़ होती है. पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि पूजा को लेकर उल्लास का माहौल है. सदस्यों ने प्रात:कालीन आरती व संध्या आरती में अधिकाधिक श्रद्धालुओं को शामिल होने की अपील की है.

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