पद व पैसा मिला, तो जेजेएमपी में शामिल हुआ था छोटू

Updated at : 26 Sep 2025 9:56 PM (IST)
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पद व पैसा मिला, तो जेजेएमपी में शामिल हुआ था छोटू

लातेहार जिले के होसिर गांव को रहने वाला था, गुमला, लातेहार, पलामू व लोहरदगा जिले में था उसका आतंक

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गुमला. पद व पैसा मिला, तो मुंबई में गाड़ी चालक की 25 हजार की नौकरी छोड़ कर छोटू उरांव जेजेएमपी में शामिल हो गया था. जेजेएमपी में शामिल होने से पहले छोटू भाकपा माओवादी में था. इसके बाद टीएसपीसी में गया. वहां से झांगुर गुट में शामिल हुआ. परंतु जितने भी उग्रवादी संगठन में वह गया, वहां उसे पद व पैसा नहीं मिलता था. इस कारण छोटू ने जेजेएमपी में शामिल हो गया. लातेहार में सरेंडर कर चुके सुप्रीमो रवींद्र यादव ने छोटू उरांव को रिजनल कमांडर बनाया था. साथ ही गुमला, लातेहार, लोहरदगा व पलामू क्षेत्र से लेवी वसूलने की छूट दे रखी थी. छोटू उरांव लातेहार जिले के होसिर गांव को रहने वाला था. परंतु उसका आतंक गुमला, लातेहार, पलामू व लोहरदगा जिले में था. पुलिस के अनुसार छोटू पर पांच लाख रुपये के इनाम की अनुशंसा कर पुलिस विभाग झारखंड सरकार को पत्र भेजा गया था. इनाम घोषित होने से पहले ही वह गुमला पुलिस से मुठभेड़ में मारा गया. परिजनों ने कहा कि छोटू उरांव को मुंबई में गाड़ी चलाने के लिए 25 हजार की नौकरी मिली थी, परंतु नौकरी ठुकरा कर उग्रवादी बन गया.

मेरी बात नहीं सुनी, इसलिए मारा गया : पिता

बीते 24 सितंबर को बिशुनपुर प्रखंड के केचकी रूगड़ीटोली जंगल में पुलिस व जेजेएमपी संगठन में मुठभेड़ हुई थी, जिसमें जेजेएमपी के तीन उग्रवादी मारे गये थे. इसमें लातेहार जिले के होसिर निवासी छोटू उरांव उर्फ सत्येंद्र उरांव था. शुक्रवार को छोटू उरांव उर्फ सत्येंद्र उरांव के परिजन सदर अस्पताल गुमला शव लेने के लिए पहुंचे. छोटू उरांव के पिता तेतरा उरांव ने बताया कि छोटू उरांव उर्फ सत्येंद्र उरांव के दो बच्चे एक लड़का और एक लड़की हैं. छोटू उरांव 2024 में मुंबई गाड़ी चलाने की बात कह कर पत्नी के साथ गया था, जहां उसे 25 हजार रुपये वेतन दिये जाने की बात कह रहा था. इस बीच कैसे छोटू उग्रवादी संगठन में शमिल हो गया. पता ही नहीं चला. कुछ माह पहले पता चलने के बाद छोटू को काफी समझाया गया कि यह सब से दूर हट जाओ ये ठीक नहीं है. परंतु वह नहीं माना. इसका नतीजा है कि आज वह हमारे बीच नहीं है. पुलिस से मुठभेड़ में वह मारा गया. उसकी मौत की जानकारी हमें अखबार के माध्यम से मिली. इसलिए दो दिन के बाद हमलोग शव लेने गुमला पहुंचे. पुलिस ने छोटू के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया.

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