गुमला. गुमला जिले के छात्रों को नशीले पदार्थों से बचाने के लिए गुमला में एक युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान चलेगा. इसके लिए प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है. क्योंकि जिस प्रकार गुमला नशापान में जकड़ते जा रहा है. उसे रोकने के लिए जागरूकता जरूरी है. उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर जिले के सभी उच्च विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को मादक द्रव्यों (नशीले पदार्थों) के उपयोग को रोकने संबंधी जागरूकता के लिए कक्षा नौ से 12 तक सभी सरकारी, अल्पसंख्यक समेत अन्य श्रेणी के विद्यालयों में झारखंड शिक्षा परियोजना गुमला द्वारा एक सप्ताह के लिए एक युद्ध नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाया जायेगा. इस गतिविधि के तहत स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव के निर्देशानुसार स्कूलों में प्रधानाध्यापक समेत वरीय शिक्षकों व अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शामिल करते हुए प्रहरी क्लब का गठन किया जाना है. गिफ्ट ऑफ एजुकेशन के सहायक नोडल पदाधिकारी दिलदार सिंह द्वारा बताया कि 22 से 26 अप्रैल 2025 तक आयोजित इस जागरूकता अभियान के अंतर्गत सभी विद्यालयों में मंगलवार 22 अप्रैल को प्रातःकालीन सभा में नशे से दूर रहने के लिए शपथ ग्रहण समेत प्रहरी क्लब का गठन कराया जायेगा. बुधवार 23 अप्रैल को नशामुक्त जीवन व ड्रग्स से इंकार संबंधी विषयों पर क्विज, कविता आदि प्रतियोगिता आयोजित होंगी. गुरुवार 24 अप्रैल को नशामुक्त बचपन, स्वस्थ बचपन तथा नशामुक्त समाज जैसे विषयों पर स्लोगन, चित्रांकन व पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित होंगी. शुक्रवार 25 अप्रैल को सभी विद्यालय में नशे के दुष्परिणाम विषय पर भाषण प्रतियोगिता व विशेष व्याख्यान का आयोजन कराया जायेगा. शनिवार 26 अप्रैल को सभी विद्यालय में पोस्टर बैनर के साथ पोषक क्षेत्र में साइकिल रैली व प्रभातफेरी के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक करेंगे तथा उसी दिन विद्यालय में पुरस्कार वितरण किया जायेगा. प्रहरी क्लब के सदस्य विद्यालय परिसर के आसपास मादक द्रव्य क्रय विक्रय की निगरानी करने के साथ सभी विद्यार्थियों की काउंसिलिंग का कार्य करेंगे. इधर, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो ने बताया गया कि बच्चों को नशे व मादक द्रव्यों से बचाने में शिक्षकों समेत अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका है. नशे के उपयोग से मस्तिष्क व शरीर पर प्रभाव समेत परिवार, समाज व शिक्षा पर भी दुष्परिणाम होते हैं. उनके द्वारा बच्चों को नशे व मादक द्रव्यों से बचाने के लिए प्रेरक कहानियां समेत खेल, योग, संगीत आदि से जोड़ते हुए सकारात्मक जीवन शैली व आत्मविश्वास के विकास को आवश्यक बताया है. उनके द्वारा सभी जन समुदायों से अपील की गयी है कि मादक द्रव्य के क्रय विक्रय संबंधी किसी भी जानकारी को तत्काल विद्यालय प्रधान समेत स्थानीय थाना, बीडीओ, एसडीओ आदि को उपलब्ध करायें.
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