उम्रकैद की सजा मिलने के बाद रो पड़ा कृष्णा

Published at :21 Feb 2017 9:21 AM (IST)
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उम्रकैद की सजा मिलने के बाद रो पड़ा कृष्णा

सुनवाई. जिला जज अवनी रंजन सिन्हा ने प्राचार्य हत्याकांड पर फैसला सुनाया दुर्जय पासवान गुमला : केओ कॉलेज गुमला के प्राचार्य डॉ शशिभूषण हत्याकांड में उम्रकैद की सजा मिलने के बाद आरोपी कृष्णा उरांव दिन के 12.15 बजे कोर्ट से बाहर निकला. इस दौरान वह रो पड़ा. कोर्ट से निकलते ही उसने अपना मुंह रूमाल […]

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सुनवाई. जिला जज अवनी रंजन सिन्हा ने प्राचार्य हत्याकांड पर फैसला सुनाया
दुर्जय पासवान
गुमला : केओ कॉलेज गुमला के प्राचार्य डॉ शशिभूषण हत्याकांड में उम्रकैद की सजा मिलने के बाद आरोपी कृष्णा उरांव दिन के 12.15 बजे कोर्ट से बाहर निकला. इस दौरान वह रो पड़ा. कोर्ट से निकलते ही उसने अपना मुंह रूमाल से ढक लिया और रोने लगा. कुछ देर रूक कर प्रभात खबर से बात करने के बाद पुलिस उसे कोर्ट हाजत ले गयी. इससे पहले दिन के 11.00 बजे उसे गुमला कोर्ट लाया गया. जिला जज अवनी रंजन सिन्हा ने प्राचार्य हत्याकांड पर अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनायी. इस दौरान कई वकील थे. वहीं कोर्ट के बाहर काफी संख्या में लोग खड़े थे, जो सुनवाई को सुनने का प्रयास कर रहे थे. इधर, गुमला शहर व केओ कॉलेज गुमला में प्राचार्य हत्याकांड को लेकर होने वाली सुनवाई को लेकर दिनभर चर्चा व परिचर्चा चलती रही. कुछ लोग बोल रहे थे कि कम से कम फांसी की सजा हो, तो कुछ लोग कह रहे थे उम्रकैद की सजा मिलेगी.
मैं जेल में रह कर वकालत का पढ़ाई करूंगा : कृष्णा
उम्रकैद की सजा मिलने के बाद कृष्णा उरांव उर्फ राकेश कुजूर ने कहा कि मैंने जो गलती की थी, उसकी सजा मुझे मिल गयी. कोर्ट ने मुझे उम्रकैद की सजा सुनायी है, लेकिन अफसोस मुझे इस बात का है कि मैं प्राचार्य हत्याकांड के बाद डेढ़ साल तक जेल में रहा. कोर्ट में लगातार सुनवाई हुई, लेकिन मेरे परिजन मुझसे दूर रहे. कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान एक बार भी मेरे घर के लोग नहीं आये. उसने कहा कि अब मैं वकालत की पढ़ाई करूंगा.
हत्या के विरोध में 15 लोगों की गवाही हुई
हत्या के विरोध में 15 लोगों ने गवाही दी है. इनमें सूचक विकास कुमार, प्रोफेसर जीतवाहन बड़ाइक, प्रोफेसर उपेंद्र साहू, प्रोफेसर अमरज्योति खलखो, मृतक का भाई देवभूषण प्रसाद, चिकित्सक डॉ राजेश टोप्पो, अधिवक्ता प्रभात दीवान, सोन बहादुर, रमेश उरांव, एफएसएल कर्मी ज्वालानंद प्रसाद, सोमनाथ भगत, एसआइ तीर्थराज तिवारी, आइओ राकेश कुमार, एसआइ परमानंद पासवान व सुशील उरांव शामिल हैं.
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार हत्या के दो कारण
छात्र कृष्णा उरांव मुख्य छात्रावास का प्रिफेक्ट था. इस दौरान उसने 8600 रुपये गबन किया था. इसके बाद उसे छात्रावास से निकाल दिया गया था. इसके बाद कृष्णा कॉलेज के प्राचार्य के पास गया था, लेकिन प्राचार्य ने कहा था कि मामला छात्रावास का है. इसमें मैं क्या कर सकता हूं. इसी बात से कृष्णा नाराज था.
वर्ष 2013 में कृष्णा उरांव ने प्रोफेसर शशिभूषण से मुलाकात कर भूगोल ऑनर्स में नामांकन कराने के लिए अनुरोध किया था, लेकिन कृष्णा का मार्क्‍स काफी कम था. इसपर प्रोफेसर ने कहा था कि तुम्हारा मार्क्‍स काफी कम है, तो तुम किसी दूसरे ऑनर्स विषय में नामांकन ले लो.
भूगोल ऑनर्स में नामांकन नहीं होने से भी कृष्णा नाराज चल रहा था. इसी खुन्नस में उसने 14 अक्तूबर 2015 को कार्यालय में घुस कर प्राचार्य की हत्या कर दी थी.
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