हत्यारे छात्र को उम्र कैद, केओ कॉलेज, गुमला के प्राचार्य हत्याकांड में आया फैसला

Published at :21 Feb 2017 8:46 AM (IST)
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हत्यारे छात्र को उम्र कैद, केओ कॉलेज, गुमला के प्राचार्य हत्याकांड में आया फैसला

डॉ शशिभूषण (फाइल फोटो) गुमला : कार्तिक उरांव कॉलेज के प्राचार्य डॉ शशिभूषण हत्याकांड में सोमवार को जिला जज ने आरोपी छात्र कृष्णा उरांव उर्फ राकेश कुजूर को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी. उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. जिला जज अवनी रंजन सिन्हा की अदालत ने […]

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डॉ शशिभूषण
(फाइल फोटो)
गुमला : कार्तिक उरांव कॉलेज के प्राचार्य डॉ शशिभूषण हत्याकांड में सोमवार को जिला जज ने आरोपी छात्र कृष्णा उरांव उर्फ राकेश कुजूर को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी. उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. जिला जज अवनी रंजन सिन्हा की अदालत ने कहा कि जुर्माना की रकम नहीं देने पर आरोपी को छह माह अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी. मृत प्राचार्य की पत्नी रेणु लाल ने कहा िक हमें न्यायपालिका पर भरोसा है. उसे अपनी करनी की सजा मिल गयी.
16 माह तक सुनवाई चली : हत्याकांड मामले में सुनवाई 16 महीने चली. इसमेंकृष्णा के विरोध में 15 व बचाव में तीन लोगों ने गवाही दी है. साक्ष्य व गवाहों के बयान सुनने के बाद जिला जज ने फैसला सुनाया है.
क्या है घटना : 14 अक्तूबर 2015 को प्राचार्य डॉ शशिभूषण अपने कार्यालयके बरामदे में बैठे थे. उनके साथ प्रो जीतवाहन बड़ाइक (वर्तमान में प्राचार्य) भी थे. तभी कृष्णा भुजाली लेकर पहुंचा. बिना कुछ कहे उसने प्राचार्य के गर्दन पर वार कर दिया. घायल प्राचार्य जमीन पर गिर गये तो दोबारा भुजाली से मारकर वहां से चला गया. इसके बाद कृष्णा कॉलेज कैंपस में ही घूमता रहा. कैंपस से ही आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया़
14 अक्तूबर 2015 को िप्रंसिपल डॉ शशि भूषण के चेंबर में घुस कर मारी थी भुजाली
आरोपी कृष्णा सुनवाई के दौरान अपने को विक्षिप्त बता रहा था. घटना के बाद उसने बीए की डिग्री ली है. उसकी जांच की गयी, तो स्पष्ट हुआ कि वह विक्षिप्त नहीं है.
मिनी लकड़ा, सरकारी वकील
मुझे अपने िकये पर अफसोस है. मैंने जो गलती की, उसकी सजा मुझे मिल गयी है. मेरा परिवार दूर हो गया है़ अब मैं वकालत की पढ़ाई करना चाहता हूं.
कृष्णा उरांव, आरोपी (उम्रकैद की सजा सुनाये जाने के बाद कहा)
सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय जाकर अपील करेंगे. कृष्णा अभी पढ़ना चाहता है. कोर्ट द्वारा उसे पुस्तकें उपलब्ध करायी गयी है.
मनरखन गोप, कृष्ष्णा के वकील
करनी की मिली सजा : रेणु लाल
मृत प्राचार्य डॉ शशिभूषण की पत्नी रेणु लाल ने आरोपी को सजा सुनाये जाने के बाद कहा कि हम सभी को न्यायपालिका पर विश्वास था. कानून के तहत उसकी करनी की जो सजा होनी चाहिए थी. वह आज उसे मिल गयी है.
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार हत्या के दो कारण
छात्र कृष्णा उरांव मुख्य छात्रावास का प्रिफेक्ट था. इस दौरान उसने 8600 रुपये गबन किया था. इसके बाद उसे छात्रावास से निकाल दिया गया था. इसके बाद कृष्णा कॉलेज के प्राचार्य के पास गया था, लेकिन प्राचार्य ने कहा था कि मामला छात्रावास का है. इसमें मैं क्या कर सकता हूं. इसी बात से कृष्णा नाराज था.
2013 में कृष्णा ने प्रोफेसर शशिभूषण से भूगोल ऑनर्स में नामांकन कराने के लिए अनुरोध किया था. प्रोफेसर ने कहा था कि तुम्हारा मार्क्स कम है, तो तुम किसी दूसरे ऑनर्स विषय में नामांकन ले लो.यह सुन वह नाराज हो गया था.
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