लीड ::7:::: मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं पेशरारवासी

Published at :25 Nov 2015 6:42 PM (IST)
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लीड ::7::::   मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं पेशरारवासी

लीड ::7:::: मूलभूत समस्याआें से जूझ रहे हैं पेशरारवासीफोटो-एलडीजीए- 15 आवासीय विद्यालय की स्थिति. एलडीजीए-16 खराब पड़ा चापानल. एलडीजीए- 17 बदहाल सड़क. प्रतिनिधि, लोहरदगा पेशरार प्रखंड का गठन पहाड़ी अंचल के लोगों को सुविधा देने के उद्देश्य से कराया गया. प्रखंड गठन की घोषणा 2009 को की गयी. प्रखंड में पांच पंचायतों को शामिल किया […]

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लीड ::7:::: मूलभूत समस्याआें से जूझ रहे हैं पेशरारवासीफोटो-एलडीजीए- 15 आवासीय विद्यालय की स्थिति. एलडीजीए-16 खराब पड़ा चापानल. एलडीजीए- 17 बदहाल सड़क. प्रतिनिधि, लोहरदगा पेशरार प्रखंड का गठन पहाड़ी अंचल के लोगों को सुविधा देने के उद्देश्य से कराया गया. प्रखंड गठन की घोषणा 2009 को की गयी. प्रखंड में पांच पंचायतों को शामिल किया गया. पेशरार प्रखंड जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर है. प्रखंड सिर्फ कागजों में चल रहा है. धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है. प्रखंड गठन की घोषणा के बाद क्षेत्र के लोगों में आशा जगी थी कि हमें अब किस्को प्रखंड जाकर अपने काम नहीं कराने पड़ेंगे, लेकिन क्षेत्र के लोगों की आशाओं पर पानी में फिर गया. प्रखंड क्षेत्र के लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए किस्को प्रखंड का चक्कर लगाना पड़ता है. प्रखंड निर्माण की घोषणा के बाद अवश्य ही कागजों में बीडीओ, सीओ एवं अन्य कर्मचारी प्रतिनियुक्त कर दिये गये हैं. पेशरार प्रखंड कार्यालय का प्रस्तावित भूमि लोहरदगा से 35 किमी दूरी पर है. पेशरार आने के लिए सड़क का अभाव है. पहाड़ों को काट कर किसी प्रकार पहुंच पथ बनाया गया है. इसी रास्ते से खनन क्षेत्र की ट्रकें भी चलती हैं. घने जंगलों-पहाड़ों एवं नदियों से घिरा यह क्षेत्र दुर्गम स्थान माना जाता है. पेशरार प्रखंड क्षेत्र में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. क्षेत्र में जाने के लिए सड़कें नहीं हैं. बिजली, सिंचाई, स्वास्थ्य सुविधाएं, अच्छे स्कूल का अभाव है. पेशरार प्रखंड कार्यालय निर्माण के लिए निविदा भी स्वीकृत हो चुकी है, किन्तु प्रखंड निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है. पूर्व में प्रखंड कार्यालय निर्माण स्थल को लेकर विवाद था, लेकिन जमीन भी फाइनल करा दी गयी है. प्रखंड कार्यालय एवं पदाधिकारियों के बैठने का स्थान नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना कर पड़ रहा है. विकास का सिर्फ आश्वासन देते हैं नेताक्षेत्र के युवाओं का कहना है कि चुनाव के समय विभिन्न दलों के नेता इस क्षेत्र में पहुंच कर विकास कार्य का आश्वासन तो देते हैं लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद चयनित प्रतिनिधि कभी लौट कर क्षेत्र की हालत देखने नहीं आते. अन्य दलों के नेता भी चुनाव बीतते ही इस क्षेत्र को भूल जाते हैं. चुनाव के समय झूठे आश्वासन एवं लोगों को बहलाने के अलावा नेताओं ने पेशरार क्षेत्र को कुछ नहीं दिया. पेशरार क्षेत्र के युवा विधानसभा उपचुनाव में चुनाव बहिष्कार की रणनीति भी बनाने में जुटे हैं. शिक्षा में है क्षेत्र पिछड़ापेशरार क्षेत्र शिक्षा के मामले में बिल्कुल पिछड़ा क्षेत्र है. यहां आवासीय विद्यालय तो बना दिया गया है, लेकिन बच्चों की देखरेख एवं सही शिक्षा नहीं दी जाती. आवासीय विद्यालय के बच्चे किसी प्रकार सरकारी भोजन खाकर समय बर्बाद कर रहे हैं. आवासीय विद्यालय के विथार्थियों को मिलनेवाली सुविधाएं भी मुहैया नहीं करायी जाती है. क्षेत्र में पेयजल का भी घोर अभाव है. आज भी यहां के लोग चुंओ से पानी लाकर काम चलाने को विवश हैं. हालांकि पीएचइडी विभाग द्वारा कहीं-कहीं चापानल बना दिया गया है, लेकिन एक बार खराब होने के बाद चापानल की मरम्मत नहीं होता. विकास कार्यों की देखरेख नहीं होती : मुखियाइस संबंध में मुखिया भरत किसान का कहना है कि प्रखंड कार्यालय के अभाव में लोगों को किस्को प्रखंड का चक्कर लगाना पड़ता है. विकास कार्यों की देखरेख सही तरीके से नहीं हो पा रहा है. क्षेत्र में समस्याओं की भरमार है, किंतु क्षेत्र की समस्याओं के प्रति कोई सकारात्मक पहल करनेवाला नहीं है.

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