जी- एनपीसीसी के खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों!

Updated at :06 Nov 2015 8:22 PM
विज्ञापन
जी- एनपीसीसी के खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों!

जी- एनपीसीसी के खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों! डेढ़ अरब की सड़क निर्माण में भारी गड़बड़ी.हाल: प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का़प्रतिनिनि, गुमलाजिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की स्थिति ठीक नहीं है. काम जैसे-तैसे हो रहा है. अगर कहीं काम हुआ भी है, तो वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है. कई सड़कों पर काम […]

विज्ञापन

जी- एनपीसीसी के खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों! डेढ़ अरब की सड़क निर्माण में भारी गड़बड़ी.हाल: प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का़प्रतिनिनि, गुमलाजिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की स्थिति ठीक नहीं है. काम जैसे-तैसे हो रहा है. अगर कहीं काम हुआ भी है, तो वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है. कई सड़कों पर काम शुरू ही नहीं हुआ है. करोड़ों रुपये की सड़क का काम तीन साल से पेंडिंग पड़ा है. पीएमजीएसवाइ के तहत सबसे अधिक सड़क का निर्माण एनपीसीसी कंपनी करा रही है. एनपीसीसी कंपनी के जिम्मे 133 सड़क हैं. इसकी लागत डेढ़ अरब है. लेकिन तीन साल में मात्र 27 सड़क ही पूरी हुई है. इसमें भी जो सड़क बनी है. भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी है. एनपीसीसी गुमला में सरकारी राशि लूट रही है. लेकिन कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है. जबकि कई घटिया सड़कों के निर्माण को लेकर कंपनी के खिलाफ गुमला, रायडीह, चैनपुर व डुमरी थाने में प्राथमिकी हो चुकी है. इसके बाद भी कंपनी के दोषी मुलाजिमों के खिलाफ सरकार व प्रशासन कार्रवाई करने से कतरा रही है. जबकि कंपनी के घटिया कार्यों के खिलाफ विधानसभा में आवाज उठ चुकी है. अखबार में छपी खबर की प्रतियां भी विधानसभा में लहरायी गयी है. यहां तक कि विधानसभा की एक जांच टीम गुमला आकर सड़कों की गुणवत्ता की जांच की है. टीम की जांच में भी घटिया सड़क निर्माण की पुष्टि हो चुकी है. इसके बाद भी कंपनी के मुलाजिम बेदाग घूम रहे हैं.106 सड़कों के निर्माण पर सवाल: कंपनी को 133 सड़क बनानी है. तीन साल में 27 सड़क बनायी. अगर इससे हिसाब लगा लें. तो लगता है कि अगले 10 साल में भी एनपीसीसी कंपनी अधूरे 106 सड़कों को पूरा नहीं कर पायेगी. फिर कंपनी पर सरकार इतनी मेहरबान क्यों है. जबिक गुमला जिले के वरीय अधिकारी कई बार रांची में बैठे अपने वरीय अधिकारियों को पत्र लिखकर एनपीसीसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं. इसके बाद भी रांची में ठाठ से बैठे अधिकारी व सरकार कार्रवाई को तैयार नहीं है. रांची व दिल्ली से सड़कों की मॉनिटरिंग: गुमला में एनपीसीसी के कंपनी का कार्यालय कहां है. इसका जानकारी किसी को नहीं है. जिले के डीसी व एसपी को भी पता नहीं कि कंपनी के लोग गुमला में रहकर कैसे काम करा रहे हैं. कंपनी के कार्यालय का कहां अता-पता नहीं है. अभी एक दिन पहले जब गृह मंत्रालय दिल्ली के अधिकारियों ने सड़क की समीक्षा की, तो बताया गया कि कुछ दिन पहले गुमला में कार्यालय खोला गया है. लेकिन कहां. यह अभी भी अबूझ पहेली बनी हुई है. बताया जा रहा है कि अभी भी रांची व दिल्ली में बैठ कर ही गुमला में बन रही सड़कों की मॉनिटरिंग अधिकारी कर रहे हैं.गुमला बना लूट का अड्डा: गुमला जिला सरकारी राशि की लूट का अड्डा बन गया है़ यहां जो भी बाहरी कंपनी आती है़ सरकारी राशि लूटकर चली जाती है़ लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाती है़

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola