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बेंगलुरु में फंसी गुमला की दो बेटियों ने मदद की लगायी गुहार, झारखंड सरकार ने लाने की शुरू की पहल

गुमला जिला अंतर्गत सिसई की दो बेटियां बेंगलुरु में फंसी हुई है. दोनों ने घर वापसी की गुहार लगायी है. इस पर सरकार ने संज्ञान लेते हुए दोनों की सकुशल वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है. उम्मीद है कि दो-तीन दिन के अंदर दोनों बेटियां अपने घरों में होंगी.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand news: बेंगलुरु में फंसी है गुमला की दो बेटी पूनम कुमारी और असरिता कुमारी.
Jharkhand news: बेंगलुरु में फंसी है गुमला की दो बेटी पूनम कुमारी और असरिता कुमारी.
प्रभात खबर.

Jharkhand News: गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित सोगड़ा पंडरिया गांव के दो युवती पूनम कुमारी एवं असरिता कुमारी बेंगलुरू में फंसी हुई है. दोनों युवतियां अब घर आना चाहती है. दोनों ने मुरकुंडा गांव निवासी समाजसेवी भोला चौधरी से मदद मांगी. इसके बाद मामले को लेकर मंत्री चंपई सोरेन एवं सत्यानंद भोक्ता को ट्वीट किया गया. जिसमें दोनों मंत्रियों ने मामले में संज्ञान लिया. इसके बाद राज्य की सरकार मामले में गंभीरता दिखाते हुए दोनों लड़कियों को बेंगलुरू से सिसई लाने की पहल शुरू कर दी है.

सिसई की दोनों बेटियों ने लगायी गुहार

सिसई की दोनों बेटियां बेंगलुरू के इलेक्ट्रॉनिक सिटी जिंस कंपनी में काम करती है, लेकिन यहां इन लड़कियों से अधिक काम लिया जा रहा है. जब दोनों घर वापस आना चाहा, तो कंपनी के लोग आने नहीं दे रहे हैं. कारखाना से निकलने भी नहीं देते हैं. इस बात की जानकारी मुरकुंडा गांव निवासी समाजसेवी भोला चौधरी से मदद की मांग करते घर वापसी की गुहार लगायी.

तीन दिनों के अंदर दोनों बेटियों की होगी वापसी

दोनों बेटियां की जानकारी मिलते ही तत्काल इसकी जानकारी झारखंड के मंत्री चंपई सोरेन और सत्यानंद भोक्ता को ट्वीट किया. ट्वीट करते हुए दोनों मंत्रियों ने मामले में संज्ञान लिया. इसके बाद राज्य सरकार मामले में गंभीरता दिखाते हुए दोनों लड़कियों को बेंगलुरू से सिसई लाने की पहल शुरू कर दी है. संभवत: तीन दिन के अंदर दोनों लड़कियां झारखंड वापस आ जाएंगी.

लड़कियों ने बतायी दास्तान

लड़कियों ने फोन पर बताया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत रांची के कांठीडाड़ में ट्रेनिंग ली. इसके बाद दोनों को बेंगलुरू के जिंस कंपनी में प्लेसमेंट किया गया. 25 अप्रैल को दोनों लड़कियों को बेंगलुरू ले जाया गया, लेकिन वहां अधिक काम लिया जाने लगा. लड़कियों के अनुसार, उन्हें बेवजह प्रताड़ित भी किया जाता है. इसलिए वे बेंगलुरू में काम नहीं करके वापस अपने गांव जाना चाहती है. जिससे वे अपने गांव-घर में ही सिलाई-कढ़ाई का काम करके रोजगार कर सके.

मंत्री ने लिया संज्ञान

मंत्री चंपई सोरेन ने मामले में संज्ञान लेते हुए प्रवासी केंद्र को कहा है कि इन बेटियों को वापस लाने का इंतजाम करें. साथ ही श्री सोरेन ने श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता को भी मामले में गंभीरता दिखाने की अपील की. इधर, मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि मामले में संज्ञान लेते हुए दोनों लड़कियों से संपर्क किया गया है. दोनों लड़कियों को वापस लाने की पहल शुरू कर दी गयी है.

बकाये राशि के जल्द भुगतान की हो रही व्यवस्था : श्रम अधीक्षक

इस पर गुमला के श्रम अधीक्षक एतवारी महतो ने कहा कि दोनों लड़कियों से फोन पर बात हुई है. प्लेसमेंट एजेंसी से भी बात किया. दोनों लड़कियों को टिकट कटाने की प्रक्रिया व जितने दिन का काम किया है उसका पैसा भुगतान कराया जा रहा है. तीन दिन के अंदर दोनों लड़कियां वापस गुमला आ जाएंगी.

दोनों लड़कियों के मामले में लिया गया संज्ञान : एसपी

गुमला एसपी डॉ एहतेशाम वकारीब ने कहा कि दोनों लड़कियों के मामले में संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की जा रही है. जल्द ही दोनों बेटियां अपने घर लौट जाएगी. वहीं, मुरकुंडा के समाजसेवी भोला चौधरी ने सरकार और प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि दोनों लड़कियों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचायी जाए.

रिपोर्ट : जगरनाथ/जॉली, गुमला.

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