''प्रभात खबर'' में छपी खबर पर CM ने लिया संज्ञान, कहा- मानव तस्करी के दाग को धोना है

By Prabhat Khabar Digital Desk
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दुर्जय पासवान, गुमला

गुमला जिले की छह नाबालिग बेटियों को दिल्ली से मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराये जाने के बाद इन बेटियों व उनके परिजनों को मिल रही धमकियों के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट किया है. उन्होंने इसे गंभीर मामला बताया है. साथ ही गुमला पुलिस को इस मामले को पहली प्राथमिकता में रखते हुए मानव तस्करों को पकड़ने और उन पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

साथ ही सीएम ने गुमला उपायुक्त को मानव तस्करी का शिकार होने वाले बच्चों की पहचान करने का निर्देश दिया है. सीएम ने डीसी को ट्वीट कर कहा है कि मानव तस्करी से मुक्त या तस्करी के शिकार होने वाले बच्चों को शिक्षा एवं स्किल कार्यक्रम से जोड़ते हुए उनके सतत ट्रैकिंग की व्यवस्था करें.

मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य के सीडब्ल्यूसी, डीसीपीओ एवं एंटी-ट्रैफ़िकिंग पुलिस यूनिट को सशक्त और संवेदनशील बनाने का भी निर्देश दिया है. ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगायी जा सके. उन्होंने कहा है कि झारखंड में मानव तस्करी के दाग को धोना हमारी पहली प्राथमिकता है.

क्‍या है मामला

घाघरा प्रखंड की छह नाबालिक लड़कियों को सब्जबाग दिखाकर मानव तस्कर दिल्ली ले गयी थे. इन लड़कियों को अलग-अलग स्थानों पर काम करने के लिए बेच दिया गया था. जब इसकी जानकारी परिजनों को हुई तो मानव तस्करों के खिलाफ घाघरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराया गया था. जिसमें पुलिस ने पूर्व में ही नसीर अंसारी व रीना देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

इसी दौरान दो लड़कियां दिल्ली से भागकर अपने घर आ गयीं. जबकि चार लड़कियों को पुलिस ने दिल्ली जाकर मुक्त कराया था. सभी छह लड़कियां दिल्ली से मुक्त होने व दो तस्करों के जेल जाने के बाद बाहर घूम रहे दूसरे तस्कर धमकी दे रहे हैं. इसकी शिकायत परिजन गुमला डीसी से कर चुके हैं. वहीं शनिवार को भी परिवार के लोगों ने सीडब्ल्यूसी आकर इसकी जानकारी दिये हैं. जिसमें परिजनों ने कहा है कि बाहर घूम रहे मानव तस्कर धमकी दे रहे हैं. केस नहीं उठाने पर जान से मारने की भी धमकी दी है. साथ ही बेटियों को पुन: दिल्ली ले जाकर बेचने की धमकी दी है.

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