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गुमला : 8 दिन की नवजात बच्‍ची को अस्‍पताल में छोड़कर भागे दंपती

Updated at : 28 Nov 2019 10:00 PM (IST)
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गुमला : 8 दिन की नवजात बच्‍ची को अस्‍पताल में छोड़कर भागे दंपती

दुर्जय पासवान, गुमला आज भी कुछ लोग बेटा व बेटी पर फर्क करते हैं. ऐसा ही मामला गुमला में प्रकाश में आया है. गुमला सदर अस्पताल में एक परिवार नवजात बेटी को अस्पताल में छोड़कर भाग गया. बेटी के जन्म की सूचना से परिवार उदास था. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जब परिवार को पता चला […]

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दुर्जय पासवान, गुमला

आज भी कुछ लोग बेटा व बेटी पर फर्क करते हैं. ऐसा ही मामला गुमला में प्रकाश में आया है. गुमला सदर अस्पताल में एक परिवार नवजात बेटी को अस्पताल में छोड़कर भाग गया. बेटी के जन्म की सूचना से परिवार उदास था. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जब परिवार को पता चला कि नवजात बच्ची को कई प्रकार की बीमारी है तो वे लोग हताश हो गये. बच्ची को एसएनसीयू में भर्ती कराने के बाद बच्ची को छोड़कर भाग गये.

अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना लिखित रूप से सीडब्ल्यूसी गुमला को दिया है. सीडब्ल्यूसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चाइल्ड लाइन पालकोट के पदाधिकारी को बच्ची की मां के घर का पता कर रिपोर्ट मांगा है. साथ ही बच्ची की मां को सीडब्ल्यूसी में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है. जिससे बच्ची की परवरिश के बारे में पूछा जा सके. सीडब्ल्यूसी की सदस्य कृपा खेस ने कहा है कि चाइल्ड लाइन द्वारा जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.

पालकोट के दंपती ने नवजात को छोड़ा

जानकारी के अनुसार पालकोट प्रखंड के सारूबेड़ा गांव निवासी संजय कुमार दास की पत्नी मेरी मंजुषा देवी अपने आठ दिनी नवजात बच्ची को सदर अस्पताल गुमला में छोड़कर फरार हो गयी. इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को मिलने पर अस्पताल प्रबंधन ने सीडब्ल्यूसी को पत्र प्रेषित कर मामले से अवगत कराते हुए समस्या के निराकरण की मांग की है.

यहां बताते चलें कि सदर अस्पताल गुमला में 18 नवंबर की शाम साढ़े पांच बजे मेरी मंजुषा देवी का प्रसव हुआ. उसने प्री मेच्योर बेबी को जन्म दिया. जिसका वजन 1.677 ग्राम था. उक्त दंपती का यह पहला संतान था. बच्ची का वजन कम, प्री मेच्यूर व सांस लेने में दिक्कत के कारण उसे एसएनसीयू (न्यू बोर्न स्पेशल केयर यूनिट) में भर्ती कराया गया. जिसके बाद उसका इलाज चल रहा है.

डॉक्टर एके अग्रवाल ने 19 नवंबर को बच्ची को रिम्स रेफर कर दिया था. लेकिन बच्ची के परिजनों ने उसे रांची ले जाने में असमर्थता जाहिर की. 26 नवंबर को बच्ची के परिजन उसे छोड़कर बिना सूचना दिये भाग गये. जिसके कारण अस्पताल प्रबंधन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं अस्पताल द्वारा बच्ची के परिजनों को फोन करने के बाद वे फोन नहीं उठा रहे हैं.

डीएस ने कहा

गुमला अस्पताल के डीएस डॉ. आरएन यादव ने कहा कि बच्ची के परिजन आठ दिन बाद बच्ची को छोड़ कर बिना सूचना दिये भाग गये. अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना सीडब्ल्यूसी को दी है.

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