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नक्‍सलियों की धमकी से स्कूल बंद, शिक्षकों ने कहा : सुरक्षा मिलेगी, तभी स्कूल खुलेगा

Updated at : 22 Oct 2019 10:29 PM (IST)
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नक्‍सलियों की धमकी से स्कूल बंद, शिक्षकों ने कहा : सुरक्षा मिलेगी, तभी स्कूल खुलेगा

दुर्जय पासवान, गुमला गुमला में अभी भी उग्रवाद है. जिस कारण कई इलाके के लोग डर-डरकर जी रहे हैं. इन्हीं में स्कूल के शिक्षक भी हैं. अब उग्रवादी विद्या के मंदिर स्कूलों को निशाना बना रहे हैं. बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों से लेवी मांग रहे हैं. लेवी नहीं देने पर जान से मारने की […]

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दुर्जय पासवान, गुमला

गुमला में अभी भी उग्रवाद है. जिस कारण कई इलाके के लोग डर-डरकर जी रहे हैं. इन्हीं में स्कूल के शिक्षक भी हैं. अब उग्रवादी विद्या के मंदिर स्कूलों को निशाना बना रहे हैं. बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों से लेवी मांग रहे हैं. लेवी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. ऐसा ही एक मामला पालकोट प्रखंड के चीरोडीह स्कूल का है.

यहां उग्रवादियों द्वारा शिक्षकों से लेवी मांगने व जान से मारने की धमकी देने के बाद 15 दिनों से स्कूल बंद है. मंगलवार को भी उग्रवादियों के डर से स्कूल नहीं खुला. स्कूल के हेडमास्टर बिकम भगत व शिक्षक भोला प्रधान पालकोट बीआरसी पहुंचकर बीइइओ मो असलम को स्कून बंद होने की जानकारी दी.

शिक्षकों ने बताया कि उग्रवादियों ने लेवी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दिया है. ऐसे में हमलोग कैसे बच्चों को पढ़ायेंगे. इसलिए डर से हम लोग स्कूल नहीं जा रहे हैं. जबतक सुरक्षा नहीं मिलेगी. स्कूल जा नहीं सकते. क्योंकि उग्रवादी स्कूल पहुंच जाते हैं. हमारे पास इतना पैसा भी नहीं है कि उग्रवादियों को लेवी दे सकें.

शिक्षकों ने बताया कि 15 दिन पहले कुछ उग्रवादी स्कूल आये थे. वे लोग एक लाख रुपये लेवी की मांग किया था. जब हमलोगों ने कहा कि एक लाख रुपये कहां से देंगे. तब उग्रवादियों ने 50 हजार रुपये मांगा. इसके बाद 35 हजार रुपये देने की धमकी दी. शिक्षकों ने कहा कि हमारे पास पैसा नहीं है. जिस कारण 35 हजार रुपये लेवी नहीं दे सके. 12 अक्तूबर से हम तीनों शिक्षक स्कूल जाना छोड़ दिया है.

हालांकि स्कूल में मध्याह्न भोजन बन रहा है. रसोईया स्कूल जाकर भोजन बना रही है. बच्चे भोजन करने के बाद घर चले जाते हैं. सिर्फ पढ़ाई ठप है. शिक्षकों ने गुमला प्रशासन से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाया है. इधर, स्कूल बंद रहने से गांव के लोगों का सब्र का बांध टूटने लगा है. गांव के लोगों ने कहा है कि अगर दो दिन के अंदर स्कूल नहीं खुलता है तो गांव के लोग बैठक कर कोई बड़ा निर्णय लेंगे.

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