गुमला : शिक्षिका के साथ मारपीट, गर्भ में पल रहे 8 माह के बच्चे की मौत
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Jul 2019 9:31 PM
।। दुर्जय पासवान ।। गुमला : गुमला जिला के घाघरा थाना के पुटो स्थित कार्तिक उरांव बाल विकास विद्यालय की शिक्षिका सतमी कुमारी के साथ स्कूल के दूसरी शिक्षिकाओं ने मारपीट की है. सतमी गर्भवती थी. उसके पेट में लात मुक्का से हमला किया, जिससे गर्भ में पल रहे आठ माह के बच्चे की मौत […]
।। दुर्जय पासवान ।।
गुमला : गुमला जिला के घाघरा थाना के पुटो स्थित कार्तिक उरांव बाल विकास विद्यालय की शिक्षिका सतमी कुमारी के साथ स्कूल के दूसरी शिक्षिकाओं ने मारपीट की है. सतमी गर्भवती थी. उसके पेट में लात मुक्का से हमला किया, जिससे गर्भ में पल रहे आठ माह के बच्चे की मौत हो गयी है.
सतमी ने बताया कि वह तारागुट्टू गांव की रहने वाली है और पुटो में रहकर उसी विद्यालय में पढ़ाने का काम करती है. विद्यालय में कई विषयों को लेकर शिक्षिकाओं का दो ग्रुप बन गया है. कुछ शिक्षिकाओं द्वारा लगातार मेरे साथ मारपीट किया जा रहा था.7 जुलाई को मारपीट किया गया था. जिसकी लिखित शिकायत घाघरा थाना में नौ जुलाई को की थी. पुलिस ने कहा था कि पूरे मामले की जांच स्कूल में जाकर करेंगे. उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जायेगी.
इधर, सतमी पुलिस का आने का इंतजार करती रही. लेकिन पुलिस 14 जुलाई तक स्कूल नहीं पहुंची.इसी दौरान दोबारा स्कूल की कुछ शिक्षिकाओं ने 15 जुलाई को उसके किराये के मकान में आकर अचानक हमला कर दिया. साथी शिक्षिकाओं ने लात व मुक्का से कई बार उसके पेट में वार किया. जिससे उसके पेट में दर्द शुरू हो गया. मारपीट से घायल सतमी घाघरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची.महिला चिकित्सक डॉक्टर मनीषा कुमारी से मिली तो उसे अल्ट्रासाउंड करने की सलाह दी. 16 जुलाई को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए गुमला भेजा गया.
सतमी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट लेकर जब डॉक्टर के पास घाघरा आयी तो डॉक्टर ने बताया कि बच्चे की पेट में ही मौत हो चुकी है.इसपर सतमी ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया. उसने पुलिस पर मामले को दबाने का भी आरोप लगाया. जिसके चलते इतना बड़ा हादसा हुआ है. उसने पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है.
* हेड मास्टर बनने की है लड़ाई
घाघरा प्रखंड के कार्तिक उरांव बाल विकास विद्यालय पुटो में एचएम (हेड मास्टर) बनने को लेकर शिक्षिकाओं के बीच आपस में लड़ाई है. फिलहाल में रुकमीन बेक स्कूल की एचएम है, लेकिन सतमी कुमारी भी एचएम बनना चाहती है. लेकिन उसे मौका नहीं मिला. इसी बात को लेकर स्कूल में अक्सर शिक्षिकाएं आपस में लड़ती रहती हैं.13 जनवरी 2008 में स्थापित पुटो स्कूल में 250 छात्र हैं और नौ शिक्षिकाएं हैं. प्रत्येक छात्र से महीने में डेढ़ सौ रुपये फीस लिया जाता है. नामांकन नि:शुल्क है. छात्रों के फीस से मिलने वाले पैसे से ही शिक्षिकाओं को मानदेय मिलता है. लेकिन शुरू से ही एचएम पद को लेकर यह स्कूल सुर्खियों में रहा है.
शिक्षिका सतमी के गर्भ में बच्चे की मौत के बाद मामला थाना पहुंच गया है. सतमी ने थाने में लिखित आवेदन सौंपकर स्कूल की एचएम रूकमीन बेक सहित गोमो कुमारी, आभा कुमारी, जसिंता मिंज व पार्वती उरांव पर मारपीट करने से उसके गर्भ में बच्चे की मौत की शिकायत की है.सतमी की शिकायत पर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. वहीं दूसरे पक्ष की ओर से जसिंता मिंज ने भी थाने को आवेदन सौंपकर सतमी के खिलाफ शिकायत की है. जिसमें स्कूल की सामग्री अपने घर में रखने की शिकायत सहित कई बिंदुओं पर जानकारी दी गयी है.इस मामले में पुलिस जांच कर रही है.
एचएम रूकमीन बेक ने कहा है कि सतमी ने मारपीट का झूठा आरोप लगायी है. उसके साथ किसी ने मारपीट नहीं किया है. बल्कि जिस घर में वह किराये पर रहती है. वहां स्कूल का सामान रखा हुआ है. जिसे स्कूल की अन्य शिक्षिकाएं लाने गयी थी. सिर्फ बहस हुई थी. मारपीट नहीं हुई है.रूकमीन ने कहा है कि पुलिस इस मामले की जांच कराये कि सतमी के गर्भ में बच्चे की मौत कैसे हुई. क्योंकि मारपीट नहीं हुई है. एचएम ने आशंका व्यक्त की है कि कहीं सतमी ने गलत दवा तो नहीं खा ली. जिससे उसका बच्चा गर्भ में मर गया. इसकी निष्पक्ष जांच हो.
थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार महतो ने कहा कि सतमी के लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है. वहीं दूसरे पक्ष ने भी आवेदन सौंपा है. उसपर जांच हो रही है.
सतमी कुमारी 15 जुलाई को मेरे पास मारपीट व पेट में लात मारने की शिकायत लेकर आयी थी. पेट में दर्द हो गया है. कुछ लोगों के द्वारा पेट में हमला किया गया था. हमने उसे अल्ट्रासाउंड कराने के लिए गुमला भेजा था. अल्ट्रासाउंड का रिपोर्ट साफ-साफ बता रहा है कि बच्चे की मौत गर्भ में हो चुकी है.डॉ मनीषा कुमारी, महिला चिकित्सक, गुमला
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