एसीपी-एमएसीपी लाभ नहीं देने के आदेश के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, प्रतियां जलाकर जताया आक्रोश

27 गुम 2 में विरोध करते शिक्षक | Prabhat Khabar Network
झारखंड में शिक्षकों ने एसीपी-एमएसीपी लाभ से वंचित करने वाले सरकारी आदेश का विरोध किया और आदेश की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश जताया।
डुमरी: डुमरी मुख्यालय स्थित प्लस टू उवि डुमरी टांगरडीह परिसर में झारखंड सरकार द्वारा शिक्षकों को एसीपी-एमएसीपी का लाभ नहीं देने संबंधी जारी आदेश के विरोध में शिक्षकों ने प्रदर्शन किया. इस दौरान शिक्षकों ने सरकार के आदेश की प्रतियां जला कर अपना विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना था कि सरकार का यह निर्णय उनके अधिकारों और हितों के विपरीत है, जिससे राज्य के हजारों शिक्षकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.
उन्होंने सरकार से जनविरोधी आदेश को तत्काल वापस लेने तथा सभी पात्र शिक्षकों को नियमानुसार एसीपी-एमएसीपी का लाभ देने की मांग की. साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जायेगा.
प्रदर्शन में विकास कुमार महतो, युनूस अंसारी, उदय प्रताप शाही, सुबोध प्रसाद, स्मिता एक्का, प्रफुल्ल समीर मिंज, अमरेश टोप्पो, अभिषेक मिंज, आशा कुमारी, मोनिका तिर्की, अनमोल एक्का, कोमल बाड़ा, प्रतिमा लकड़ा, पंकज भगत, अनिल राम ओहदार, बलवीर एक्का, कुलदीप कुजूर, शुचिता बखला, देमनती नगेशिया, निर्मला टोप्पो, मधुर लकड़ा आदि मौजूद थे.
जारी में भी आदेश के विरोध में नारेबाजीइधर, जारी प्रखंड में भी शिक्षकों ने एमएसीपी से वंचित करने वाले विभागीय आदेश के विरोध में उसकी प्रतियों का प्रतीकात्मक दहन कर जोरदार नारेबाजी की. फेडरेशन की प्रखंड अध्यक्षा जोसेफा टोप्पो ने कहा कि शिक्षकों की यह वाजिब मांग वर्षों से लंबित है, जिससे शिक्षक समुदाय में निराशा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा बार-बार सकारात्मक आश्वासन देने के बावजूद हाल में विभागीय स्तर पर यह निर्णय लिया गया कि शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ देय नहीं होगा. इस निर्णय के विरोध में अलबर्ट एक्का परिसर में प्रतिवाद कार्यक्रम आयोजित कर आदेश की प्रतियां जलायी गयीं. कार्यक्रम में प्रखंड सचिव बिलेश्वर उरांव, विनित कुजूर, अंजली कुजूर, संजीव पंकज आदि उपस्थित थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By दुर्जय पासवान
दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










