नाटक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, समाज का दर्पण भी रहा है : फादर मनोहर

Updated:
विज्ञापन
27 गुम 7 में नाटक का मंचन करते स्कूली छात्र | Prabhat Khabar Network

नाटक का मंचन करते स्कूली छात्र | Prabhat Khabar Network

संत इग्नासियुस स्कूल गुमला में मधुशाला नाटक का मंचन हुआ। फादर मनोहर ने कहा कि नाटक समाज का दर्पण है, जो नशामुक्ति और मानवीय संवेदनाओं का संदेश देता है।

विज्ञापन

लोयोला पर्व दिवस पर संत इग्नासियुस उवि व इंटर कॉलेज गुमला में छात्रों द्वारा सामाजिक नाटक ‘मधुशाला’ का प्रभावशाली मंचन किया गया. सोमवार को सैकड़ों विद्यार्थियों ने नाटक का आनंद लिया. विद्यालय प्रबंधन के अनुसार इस नाटक का पुनः मंचन 28 जुलाई को संत इग्नासियुस उवि के पीपी वनफल हॉल में किया जायेगा. प्रधानाचार्य फादर मनोहर खोया ने कहा कि भारतीय समाज में नाटक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज का दर्पण भी रहा है. एक सशक्त सामाजिक नाटक अपने समय की समस्याओं को उजागर करते हुए दर्शकों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करता है. उन्होंने कहा कि मधुशाला ऐसा ही एक उद्देश्यपूर्ण सामाजिक नाटक है, जो नशामुक्ति, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त संदेश देता है. नाटक की कहानी प्रतिशोध, प्रेम, प्रायश्चित, पारिवारिक विघटन और मानवीय संवेदनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है. मुख्य पात्र मनोहर अपने पिता के साथ हुए अन्याय का बदला लेने के लिए विनोद को शराब की लत में धकेल देता है. धीरे-धीरे यह लत विनोद के व्यक्तित्व, उसके परिवार और भविष्य को पूरी तरह बर्बाद कर देता है. कहानी में आगे मनोहर के मन में प्रेम और पश्चाताप की भावना जागती है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. पिता की मृत्यु, निर्मला की आत्महत्या और विनोद का अपराध एवं पतन इस त्रासदी को और अधिक मार्मिक बना देते हैं. नाटक यह संदेश देता है कि नशे की लत व्यक्ति की बुद्धि, विवेक, चरित्र और पारिवारिक सुख-शांति को नष्ट कर देती है. साथ ही यह भी स्पष्ट करता है कि प्रतिशोध की आग अंततः सभी को नुकसान पहुंचाती है, जबकि प्रेम, क्षमा और सदाचार ही जीवन को सही दिशा प्रदान कर सकते हैं. मनोरंजन के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश देने वाला मधुशाला दर्शकों को गहरे आत्ममंथन के लिए प्रेरित करता है.


विज्ञापन
दुर्जय पासवान

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola