खजूर पर्व को दु:खभोग के रूप में भी जाना जाता है : फादर पीटर

Updated at : 16 Apr 2019 12:57 AM (IST)
विज्ञापन
खजूर पर्व को दु:खभोग के रूप में भी जाना जाता है : फादर पीटर

चैनपुर(गुमला) : चैनपुर प्रखंड की सभी पल्लियों में खजूर पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया. ख्रीस्त विश्वासी खजूर की डाली लेकर चर्च पहुंचे और पूजा पाठ की. चैनपुर के संत जॉन चर्च परिसर में फादर डीन पीटर तिर्की की अगुवाई में मिस्सा बलिदान अर्पित किया गया. फादर पीटर ने कहा कि आज के दिन येरूसेलम […]

विज्ञापन

चैनपुर(गुमला) : चैनपुर प्रखंड की सभी पल्लियों में खजूर पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया. ख्रीस्त विश्वासी खजूर की डाली लेकर चर्च पहुंचे और पूजा पाठ की. चैनपुर के संत जॉन चर्च परिसर में फादर डीन पीटर तिर्की की अगुवाई में मिस्सा बलिदान अर्पित किया गया. फादर पीटर ने कहा कि आज के दिन येरूसेलम में प्रभु यीशु को वहां के लोगों ने राजा घोषित किया था.

उसके स्वागत में रास्ते पर खजूर व कपड़ा बिछाया गया था, जिसे आज हम याद करते हैं. उस समय की घटना से हमें शिक्षा लेते हुए आगे बढ़ने की जरूरत है. ईसा मसीह के त्याग और बलिदान से हमें यह सीख मिलती है कि वह दु:ख भी महत्वपूर्ण है, जो दूसरों की भलाई और सेवा के लिए सहा गया हो.

खजूर पर्व को दु:खभोग रविवार के रूप में भी जाना जाता है. ईसा मसीह अपने जीवन काल में आज ही के दिन शहर (येरूसलेम) गये थे. शहर पहुंचने पर वहां के लोगों ने अपने मुक्तिदाता ईसा मसीह का स्वागत खजूर की डालियों के साथ गर्मजोशी से किया था. लेकिन लोगों की भीड़ में कुछ ऐसे लोग भी थे, जो ईसा मसीह को पसंद नहीं करते थे. वे उन्हें नहीं मानते थे.

उन लोगों ने भीड़ को बहकाया और जिस दिन ईसा मसीह शहर पहुंचे थे, उसके दो दिन बाद ईसा मसीह को क्रूस पर चढ़ा दिया गया. ईसा मसीह इस बात को जानते थे कि शहर पहुंचने पर उनके साथ क्या होगा. इसके बावजूद वे शहर गये. उस समय की घटना हम सभी के लिए एक सीख है. साथ ही हम सभी के लिए एक सबक भी है. उन्होंने कहा कि आप सभी से अनुरोध है कि समाज को स्वच्छ व सुंदर बनाये.

सभी को साथ लेकर चलें. किसी को दुख न दें. ईसा मसीह ने भी कहा है कि किसी को दुख न देकर खुद दुख सहें. जरूर इसका फल अच्छा मिलेगा. मौके पर फादर पंखरासियुस केरकेट्टा, फादर अजीत, फादर राजेंद्र, फादर अनूप, फादर जुएल, फादर अगस्तुस, फादर वीरेंद्र, फादर इनोंसेंट, सिस्टर सुशीला, सिस्टर रेजीना, सिस्टर सुषमा, सिस्टर अनिता, सिस्टर सुनीता, अरुण लकड़ा, अनूप संजय टोप्पो सहित बड़ी संख्या में ख्रीस्तीय धर्मावलंबी मौजूद थे. वहीं कटकाही पल्ली में फादर कोसमस ने पूजा करायी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola