सरना कोड आदिवासियों के लिए जरूरी

Published at :30 Oct 2017 11:39 AM (IST)
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सरना कोड आदिवासियों के लिए जरूरी

गुमला: भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि आज भारत देश में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं है. आदिवासियों की सुरक्षा के लिए सरना कोड लागू होना जरूरी है. पूरे देश में सरना कोड लागू हो. तभी आदिवासियों के अस्तित्व की रक्षा हो सकती है. श्री सहाय रविवार को गुमला से 10 […]

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गुमला: भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि आज भारत देश में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं है. आदिवासियों की सुरक्षा के लिए सरना कोड लागू होना जरूरी है. पूरे देश में सरना कोड लागू हो. तभी आदिवासियों के अस्तित्व की रक्षा हो सकती है. श्री सहाय रविवार को गुमला से 10 किमी दूर लिटाटोली गांव में स्वर्गीय कार्तिक उरांव के 93वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे. श्री सहाय ने कहा कि कार्तिक उरांव को तभी सच्ची श्रद्धांजलि होगी. जब उनके सपने पूरे होंगे.

कार्तिक बाबा का सपना था. आदिवासियों की रक्षा. क्षेत्र का संपूर्ण विकास. परंतु कहीं विकास नजर नहीं आ रही है. आदिवासी आज भी विकास के मामले में पीछे हैं. हमें खनिज संपदा को बचाना होगा. ल, जंगल व जमीन पर यहां के वाशिंदो का अधिकार है. कार्तिक बाबा आदिवासियों के रक्षक थे. उन्होंने कहा कि अधिकार लेना है तो जनता जागे. सीएनटी व एसपीटी एक्ट आदिवासियों की सुरक्षा कवच है. एसटी कमीशन के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर रामेश्वर उरांव ने कहा कि कार्तिक उरांव एक महान नेता व सुधारक थे.

उन्होंने आदिवासी समाज को एकजुट करने के लिए अपना पूरा जीवन न्यौछवार कर दिया. आज वे हमारे बीच नहीं है. लेकिन उनके अधूरे सपनों को पूरा करना है. कांग्रेस के केंद्रीय सचिव डॉक्टर अरुण उरांव ने कहा कि कार्तिक बाबा ने जो सपना देखा था. निश्चित रूप से वह सपना अभी अधूरा है. लेकिन इसे पूरा करने के लिए आदिवासियों को एकमंच पर आने की जरूरत है. गुमला विधायक शिवशंकर उरांव ने कहा कि स्वर्गीय कार्तिक उरांव इस क्षेत्र से पहले ऐसे महान हस्ती थे.


जिन्होंने भारत ही नहीं विदेशों में भी नाम कमाया. उन्होंने जिस प्रकार संघर्षकर मुकाम प्राप्त किया. आदिवासियों को एकजुट किया था. वह एक मिशाल है. आज जरूरत है. हम उनके बताये मार्ग पर चलते हुए काम करें. तभी समाज को मजूबत किया जा सकता है. पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि हम सभी कार्तिक उरांव के बताये मार्ग पर चलें. समाज को एकजुट करें. जहां विकास की कमी है. उसे पूरा करें. मंच का संचालन बाघंबर ओहदार ने किया. धन्यवाद ज्ञापन अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष पुनई उरांव ने किया.
समाधि स्थल पर फूल चढ़ाने के लिए उमड़ी भीड़
लिटाटोली गांव में स्वर्गीय कार्तिक उरांव का घर है. घर के बगल में ही उनका समाधि स्थल बनाया गया है. रविवार को सुबह छह बजे से ही समाधि स्थल पर फूल चढ़ाने वाले लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे. 80 से अधिक खोड़हा दल था. कार्यक्रम स्थल मांदर व नगाड़ा की आवाज से गूंज रहा था. मौके पर डोमन राम मोची, प्रोफेसर भूषण महतो, राजनील तिग्गा, दीपनारायण उरांव, विश्वनाथ उरांव, जेराल्ड संजय बाड़ा, मोहम्मद आशिक अंसारी, मोहम्मद इम्तियाज, मोहम्मद फिरोज, सीता देवी, बॉबी भगत, अमृता भगत सहित कई लोग थे.
वक्ताओं ने संबोधित किया
कार्यक्रम को सीतापुर के विधायक अमरजीत भगत, जशपुर के विनय भगत, नेपाल के शिवनारायण उरांव, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रभारी हेमंत ध्रुव, प्रवीण सिंह, दीवान बिरिजिया उरांव, लुण्ड्रा विधायक चिंतामणि महाराज, विधायक बृहस्पति सिंह सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया. सभी वक्ताओं ने कार्तिक उरांव को आदर्श पुरुष व आदिवासियों का महान नेता बताते हुए उनके पदचिह्नें पर चलने की अपील की.
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