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नेता आये, फूल चढ़ाये भाषण दिये और चले गये

30 Oct, 2017 11:38 am
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नेता आये, फूल चढ़ाये भाषण दिये और चले गये

गुमला: गुमला से दस किमी दूर लिटाटोली गांव है. यह गांव स्वर्गीय कार्तिक उरांव की जन्म स्थली है. कार्तिक बाबा जहां जन्म लिये. वहीं पास उनका समाधि स्थल बनाया गया. रविवार को उनका जन्म दिन था. कार्तिक बाबा आज जरूर हमारे बीच नहीं है. लेकिन उनकी सोच व सपने आज भी जीवित है. यही वजह […]

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गुमला: गुमला से दस किमी दूर लिटाटोली गांव है. यह गांव स्वर्गीय कार्तिक उरांव की जन्म स्थली है. कार्तिक बाबा जहां जन्म लिये. वहीं पास उनका समाधि स्थल बनाया गया. रविवार को उनका जन्म दिन था. कार्तिक बाबा आज जरूर हमारे बीच नहीं है. लेकिन उनकी सोच व सपने आज भी जीवित है. यही वजह है. उनके जन्म दिन पर समाधि स्थल पर हजारों लोगों ने फूल चढ़ाये. सुबह से शाम तक. नेता आते गये. समाधि स्थल पर फूल चढ़ाते गये. मंचीय कार्यक्रम हुआ. वहां भाषण दिये और चले गये.

एक बार फिर लोग स्वर्गीय कार्तिक उरांव के जन्म स्थली लिटाटोली गांव की समस्याओं को भूल गये. चाहे जो भी हो. लेकिन एक बात सच है. आज भी कार्तिक बाबा आदिवासी समाज के बीच जीवित हैं. इसका उदाहरण है. उनके जन्म दिन पर गांव गांव में जतरा व मेला का आयोजन करना. चाहे संगठन जो भी है. सभी में कार्तिक बाबा के प्रति प्रेम व स्नेह है.

यही वजह है. रविवार को गुमला में पांच स्थानों पर कार्तिक जयंती मनायी गयी. लिटाटोली गांव, फोरी गांव, मांझाटोली, केओ कॉलेज लकड़ी डीपू व परमवीर अलबर्ट एक्का स्टेडियम में कार्यक्रम हुआ. इन पांच स्थानों पर बृहत रूप से कार्यक्रम हुआ. इसके अलावा कई स्थानों पर छोटे स्तर पर भी माल्यार्पण कार्यक्रम हुआ. लिटाटोली की बात करें. यहां आदिवासियों की भीड़. उनमें खुद ऊर्जा का संचार करती है. क्योंकि इस क्षेत्र के आदिवासी जिस उत्साह व उमंग के साथ हजारों की संख्या में लिटाटोली पहुंचे. उनमें आज भी कार्तिक बाबा की सोच जीवित है. ऐसे अलग अलग स्थानों पर अलग अलग भाषणबाजी हुई है. फोरी में सरना समिति गुमला के अध्यक्ष हांदु भगत ने कहा कि नेता झूठ बोलने वाले होते हैं. उनसे सावधान रहने की जरूरत है. उन्होंने इतना तक कहा दिया कि कार्तिक उरांव सच्चे आदिवासियों के मसीहा था. लेकिन उनके नाम पर राजनीति हो रही है. लिटाटोली में पूर्व मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि कार्तिक उरांव के सपना को पूरा करने के लिए जरूरी है कि पूरे देश में सरना कोड लागू हो. तो इस संबंध में चुटकी लेते हुए एक नेता ने कहा कि जिस समय कांग्रेस की सरकार थी. उस समय क्यों नहीं सरना कोड लागू किया. वहीं धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने गुमला में कहा कि स्वर्गीय कार्तिक उरांव चाहते थे कि आदिवासी समाज एकजुट रहे. उनके सपने को हम पूरा करेंगे. आदिवासी समाज को बिखेरने नहीं देंगे. कुछ लोग जरूर आदिवासी समाज को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. लेकिन कार्तिक बाबा को चाहने वाले किसी के बहकावे में नहीं आयेंगे. वहीं दूसरी ओर गुमला के विधायक शिवशंकर उरांव ने कहा कि जो चाहे कुछ भी कहे. कार्तिक बाबा ने सपना देखा था. मांझाटोली में स्वायतशासी विश्वविद्यालय की स्थापना हो. कार्तिक बाबा के इस सपने को मैं पूरा करने में लगा हुआ हूं. बहुत जल्द मांझाटोली में विश्वविद्यालय बनेगा. इसके लिए प्रक्रिया चल रही है.

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