Jharkhand : जेल में बंद हत्या के विचाराधीन कैदी ने किया धर्म परिवर्तन

Published at :10 Oct 2017 11:56 AM (IST)
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Jharkhand : जेल में बंद हत्या के विचाराधीन कैदी ने किया धर्म परिवर्तन

गुमला: गुमला मंडल कारा में बंद हत्या के विचाराधीन कैदी छोटू भुईयां ने धर्म परिवर्तन कर लिया है. उसने अपना धर्म छोड़ कर दूसरा धर्म स्वीकार कर लिया है. एक धर्मगुरु ने हत्या के केस से मुक्त कराने का प्रलोभन देकर उसका धर्मांतरण कराया है. कैदी ने इसकी लिखित जानकारी दी है. मुख्यमंत्री रघुवर दास […]

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गुमला: गुमला मंडल कारा में बंद हत्या के विचाराधीन कैदी छोटू भुईयां ने धर्म परिवर्तन कर लिया है. उसने अपना धर्म छोड़ कर दूसरा धर्म स्वीकार कर लिया है. एक धर्मगुरु ने हत्या के केस से मुक्त कराने का प्रलोभन देकर उसका धर्मांतरण कराया है. कैदी ने इसकी लिखित जानकारी दी है. मुख्यमंत्री रघुवर दास के नाम भी पत्र लिखा है.
कैदी ने मुख्यमंत्री के नाम लिखा पत्र एसडीओ व एसडीपीओ करेंगे जांच
डीसी श्रवण साय ने कहा कि धर्म परिवर्तन कराने संबंधी जानकारी मुझे नहीं मिली है. लेकिन अगर ऐसा हुआ है, तो इसकी जांच होगी. एसडीओ केके राजहंस व एसडीपीओ भूपेंद्र प्रसाद राउत को जांच कर 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट देने के लिए कहा है.
अधिवक्ता तापस कुमार लाल ने कहा
गुमला के अधिवक्ता तापस कुमार लाल ने बताया कि जेल में अगर धर्मांतरण हुआ है, तो इसके दो बिंदु हो सकते हैं.
पहला : जेल के अंदर धर्म परिवर्तन कराना संभव नहीं है, क्योंकि धर्म परिवर्तन के लिए किसी भी व्यक्ति को उस धर्म के धर्मगुरु के समक्ष उपस्थित होना होगा, तभी उस धर्म के नियम के अनुसार कोई धर्मांतरण कर सकता है.
दूसरा : अगर जेल के अंदर विचाराधीन कैदी को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया गया है, तो धर्मांतरण कराने वाला दोषी होगा. जेल प्रशासन पर भी सवाल खड़ा होगा. वर्तमान में बने कानून के तहत कार्रवाई तय है.
कैदी छोटू ने पत्र में लिखा है
कैदी छोटू ने पत्र में लिखा कहा है कि वह एक दूसरे धर्म की लड़की से प्यार करता था और शादी कर लिया. उसका एक बच्चा भी है, लेकिन लड़की के घर वाले इस शादी से खुश नहीं हैं. इसी दौरान पांच साल पहले लड़की के एक रिश्तेदार की हत्या हो गयी. लड़की के माता-पिता ने लड़की को उससे (छोटू)अलग करने के लिए उसे हत्या के केस में फंसा दिया. इसके बाद से वह पांच साल से जेल में है. इसी दौरान उक्त धर्म के एक धर्मगुरु ने जेल में जाकर उसे प्रलोभन दिया कि तुम धर्म परिवर्तन कर लो, तुम्हें हत्या के केस से मुक्त करा लिया जायेगा. डर व प्रलोभन में आकर उसने (छोटू) धर्म बदल लिया और अभी जेल में उस धर्म के कार्यक्रम में भाग लेता है. छोटू ने कहा कि मुझे वह धर्म पसंद नहीं है, लेकिन दबाव में आकर धर्मांतरण कर लिया. अब मुझे अपने धर्म में वापस आना है. मेरी मदद की जाये.
जेल के अंदर किसी कैदी द्वारा धर्म परिवर्तन करने से संबंधी कोई आवेदन मुझे प्राप्त नहीं हुआ है. अगर कोई मामला है, तो पहले मैं इसकी जांच करूंगा.
बेसरा निशांत रॉबर्ट, जेल अधीक्षक, गुमला
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