इलाज के नाम पर 10 लाख का बिल, मुंबई में घायल गुमला के मजदूर के परिवार ने लगाई गुहार

Updated:
विज्ञापन

इलाजरत चालक| Prabhat Khabar Network

मुंबई के तलोजा स्थित स्टील प्लांट में हादसे के बाद गुमला के प्रवासी ट्रक चालक जमालुद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए है. परिजनों ने निजी अस्पताल पर 10 लाख रुपये से अधिक का बिल बनाने और आर्थिक दबाव डालने का आरोप लगाया है. मामले में सीएफटीयूआई ने हस्तक्षेप कर जांच शुरू की है और घायल मजदूर को सुरक्षित घर लाने की पहल की जा रही है.

विज्ञापन

गुमलाः जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत बरवेनगर गांव निवासी प्रवासी ट्रक चालक जमालुद्दीन सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद मुंबई के एक निजी अस्पताल में इलाजरत हैं. परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज के नाम पर 10 लाख रुपए से अधिक का बिल बनाने और कंपनी के साथ मिलीभगत कर आर्थिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले की जानकारी मिलने के बाद मजदूर संघ सीएफटीयूआई ने हस्तक्षेप करते हुए मामले की जांच और घायल मजदूर को सुरक्षित घर वापस लाने की पहल शुरू की है.

स्टील रोल की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल

जानकारी के अनुसार, जमालुद्दीन पिछले कई वर्षों से ट्रक चालक के रूप में काम कर रहे हैं. करीब 15 वर्ष पूर्व हिना परवीन से विवाह के बाद वह अपनी ससुराल बरवेनगर में ही रह रहे हैं. वह सुरेंद्र प्रताप सिंह का ट्रक चलाते हैं. परिजनों के मुताबिक, सात अगस्त 2026 को सुबह करीब 11 से 11:30 बजे जमालुद्दीन महाराष्ट्र के तलोजा स्थित गीता स्टील प्लांट में माल लोड कराने पहुंचे थे. सामान लोड होने के बाद तिरपाल लगाने के दौरान अचानक चक्कर आने से वह गिर गए. इसी दौरान स्टील के बड़े रोल की चपेट में आने से उनका एक हाथ और एक पैर गंभीर रूप से कट गया.

कंपनी के कर्मचारियों पर भी लगाया लापरवाही का आरोप

हादसे के बाद कंपनी के कर्मचारियों ने जमालुद्दीन को मुंबई के व्हाइट लोटस इंटरनेशनल रिसर्च सेंटर अस्पताल में भर्ती कराया. परिजनों का आरोप है कि इसके बाद कंपनी के कर्मचारी अस्पताल से चले गए और घायल मजदूर की सुध लेने कोई अधिकारी या वाहन मालिक नहीं पहुंचा. इलाज के खर्च को लेकर भी परिवार पर लगातार आर्थिक दबाव बनाया जा रहा है.

मामले में जानकारी देते परिजन
मामले में जानकारी देते परिजन

पत्नी ने मजदूर संघ से मांगी मदद

घटना की जानकारी मिलने पर जमालुद्दीन की पत्नी हिना परवीन ने सीएफटीयूआई के झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष जुम्मन खान से संपर्क किया. जुम्मन खान ने गुमला के श्रम अधीक्षक से फोन पर बात कर सहयोग मांगा है. संघ की ओर से कंपनी और वाहन मालिक से भी संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है. जुम्मन खान ने कहा कि संगठन की प्राथमिकता घायल मजदूर को सुरक्षित घर वापस लाना है. जमालुद्दीन गरीब परिवार से हैं और उनके तीन छोटे बच्चे हैं. ऐसे में 10 लाख रुपए से अधिक का अस्पताल बिल परिवार के लिए गंभीर आर्थिक संकट बन गया है. संघ ने मामले की जांच कर घायल मजदूर और उसके परिवार को आवश्यक सहायता दिलाने की पहल शुरू की है.


विज्ञापन
दुर्जय पासवान

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola