घुटयानी गांव में नहीं है स्कूल, प्राथमिक शिक्षा के लिए भी दो किलोमीटर दूर जाने की मजबूरी

Updated at : 10 Mar 2025 10:57 PM (IST)
विज्ञापन
घुटयानी गांव में नहीं है स्कूल, प्राथमिक शिक्षा के लिए भी दो किलोमीटर दूर जाने की मजबूरी

हनवारा के घुटयानी में बच्चों को पढ़ाना परेशानी भरा कार्य, ग्रामीणों ने सुनायी समस्या

विज्ञापन

महागामा प्रखंड के हनवारा क्षेत्र के खोरद पंचायत के घुटयानी गांव में प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. गांव से सटे खलिहान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बडी संख्या में ग्रामीणों ने शामिल होकर अपनी समस्याओं को रखा. इस क्रम में ग्रामीणों ने कहा कि उनकी समस्याओं को सभी के सामने लाया गया, मगर किसी ने भी प्रयास नहीं किया. प्रभात खबर की ओर से समस्याओं को सुना गया है. उम्मीद है कि इसका असर हाेगा. उनकी समस्याओं को लेकर पदाधिकारी से लेकर नेता तक सार्थकता प्रदान करेंगे. ग्रामीणों ने बताया कि हनवारा के घुटयानी के लोगों के लिए बच्चों को पढ़ाना परेशानी से भरा कार्य है. गांव में केवल आंगनबाड़ी है. स्कूल की सुविधा नहीं है. इसके साथ ही गांव में वर्षों से कई समस्याएं हैं, जिसका निराकरण अब तक नहीं हो सका है. ऐसे हालत में ग्रामीण चाहकर भी कुछ नहीं कर पाते हैं. केवल आश्वासन मिलता है कि जल्द ही समाधान कर दिया जायेगा, मगर ऐसा अब तक नहीं हो सका है. उनकी मांग है कि उनकी समस्याओं का अविलंब समाधान की दिशा में काम हो.

क्या है समस्या

-गांव में आज तक स्कूल नहीं बना, बच्चे दो किमी दूर कुसमारा के स्कूल में पढ़ने जाते हैं.

-पानी की समस्या का समाधान नहीं, आज तक नहीं लग पाया है सोलर जलमीनार

-गांव के बीचो-बीच बहता है पानी, नाले की समस्या से परेशान हैं लोग

-गांव में एक मात्र आंगनबाड़ी केंद्र है, जहां छोटे बच्चे पढ़ते हैं

– गांव में नया आंगनवाड़ी केंद्र बनकर तैयार है, मगर अब तक चालू नहीं सका.

क्या कहते हैं लोग

गांव में नाले की समस्या है. कई बार मुखिया से लेकर बीडीओ तक को आवेदन दिया गया, वर्षात के दिनों में गांव में पानी के सडक पर बहने की वजह से लोगों के घर जमा हो जाता है. गांव के लोगों को परेशानी होती है.नाला बन जाने से सुविधा होती.

– वीना देवी

गांव के बच्चों को प्राथमिक तक की शिखा की व्यवस्था को लेकर स्कूल नहीं बनाया गया है. हर दिन यहां के बच्चे दूसरे गांव पढायी करने जाते है. गांव के बच्चों को दूसरे गांव में जाकर पढायी करने पर कई प्रकार का भय बना रहता है. स्कूल बनना चाहिये.

– चंचला देवी

कई बार गांव के लोगों ने अपनी समस्या को लेकर जन प्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट किया मगर , इसपर अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से ग्रामीणेां को काफी दुख के साथ गुस्सा भी है. आखिर गांव के लोगों की समस्या का समाधान कब किया जायेगा.

-कौशल्या देवी

गांव के बच्चों को प्राथमिक से लेकर हाई स्कूल तक की शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है. बच्चे दो किमी दूर कुसमाहा गांव के स्कूल में पढ़ाई करते हैं. दो किमी हर दिन स्कूल आना-जाना मुसीबत से कम नहीं है. स्कूल की व्यवस्था होनी चाहिए.

-अब्दुल रज्जाक

गांव में एक आंगनवाड़ी केंद्र है. छोटे बच्चों काे यहां पढ़ाया जाता है. एक और भी आंगनवाड़ी भवन काफी दिनों से बनकर तैयार है. मगर अब तक इस केंद्र का शुभारंभ नहीं किया गया है. बच्चों के शिक्षा को लेकर इसे जल्द चालू किया जाना चाहिए.

– हिलाल सिंह

गांव की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की बेहतर व्यवस्था नहीं होना है. कुछ चापाकल हैं, मगर सोलर जलमीनार नहीं लगाये जाने की वजह से ग्रामीणों को हर दिन परेशान होना पड़ता है. इस स्थिति में पानी की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए.

-मो सद्दाम

गांव के लोगों की मांग को जनप्रतिनिधि अगर चाहें तो पूरा कर सकते हैं. गांव में स्कूल की स्थापना हरहाल में की जानी चाहिए. छोटे-छोटे बच्चों को लेकर माता पिता दो किमी तय करके स्कूल पहुंचाते और लाते हैं. इससे छुटकारा मिल सकेगा.

-मो मंजूर

जिस गांव की बात करें, आज वहां शिक्षा की व्यवस्था हर गांव में है. मगर घुटियानी ही ऐसा गांव है, जहां अब तक स्थानीय लोगों की बातें नहीं सुनी गयी है. हर दिन लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं, मगर उनके मन में ये बातें बहुत सालती रहती है.

– निरमया देवीB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANJEET KUMAR

लेखक के बारे में

By SANJEET KUMAR

SANJEET KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola