धर्म-संस्कृति लोहरा समाज की पहचान, इसे नहीं भूलें: रामजी साह

धर्म-संस्कृति लोहरा समाज की पहचान, इसे नहीं भूलें: रामजी साह
प्रतिनिधि, बोआरीजोर राजमहल कोल परियोजना के पुनर्वास स्थल बड़ा सिमड़ा के स्टेडियम में संथाल परगना स्तरीय लोहरा आदिवासी समाज कल्याण समिति के बैनर तले 14वां स्थापना दिवस मनाया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व जिला परिषद सदस्य रामजी साह और समाज के प्रमंडलीय अध्यक्ष सोनाराम मड़ैया ने दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम में अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया गया. संथाल परगना स्तरीय लोहरा समाज के कई नेता इस अवसर पर उपस्थित होकर संबोधित किए. पूर्व जिला परिषद सदस्य ने कहा कि समाज की पहचान उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनाओं से होती है. हमें अपनी संस्कृति को कभी नहीं भूलना चाहिए. यह समाज आदिवासी समुदाय में आता है, और सरकार को समाज के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए. साथ ही, इनकी खतियानी विसंगतियों को दूर करना भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा, तभी समाज का विकास संभव है. बच्चों को शिक्षा में जरूर शामिल करना चाहिए. शिक्षित होने पर ही समाज के विकास पर विचार किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि शराब लोगों को आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचाता है. इसलिए जागरूकता अभियान चलाकर शराब के नुकसान के बारे में लोगों को बताना जरूरी है. मौके पर धनीराम मड़ैया, मोती लाल लोहरा, वीरेंद्र मड़ैया, ऋषि लाल लोहरा, जितेंद्र मड़ैया, महेश कुमार लोहरा, पंकज लोहरा, विष्णु लोहरा, संजय मड़ेया, विद्यानंद मड़ेया, मैनेजर मड़ेया आदि उपस्थित थे.
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