खरीफ खेती पर मॉनसून की रहेगी मेहरबानी, सामान्य से अधिक होगी बारिश

Updated at : 15 Apr 2025 11:42 PM (IST)
विज्ञापन
खरीफ खेती पर मॉनसून की रहेगी मेहरबानी, सामान्य से अधिक होगी बारिश

मौसम विभाग ने जारी किया अनुमान, अगले पांच दिनों तक बारिश की संभावना

विज्ञापन

गोड्डा. जिले में इस बार भी खरीफ की खेती पर मॉनसून की मेहरबानी रहेगी. सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जतायी गयी है. गोड्डा केवीके के मौसम वैज्ञानिक रजनीश राजेश ने नयी दिल्ली स्थित मौसम विभाग के अनुसार यह सूचना जारी की है. बताया है कि नई दिल्ली द्वारा जारी दीर्घावधि ऋतु पूर्वानुमान रिपोर्ट के अनुसार इस साल का मॉनसून पूरे संताल परगना समेत गोड्डा सामान्य से अधिक बारिश होगी. क्योंकि अल नीनो और इंडियन ओसियन दायपोल के सामान्य रहने की संभावना है, जो कि मानसून के सक्रिय रहने में कारगर साबित होगा. इससे ही मॉनसून इलाके में बेहतर होगा.खरीफ की खेती करनेवाले किसानों को परेशानी नहीं होगी. संतालपरगना में अधिकांश क्षेत्रों में खरीफ की खेती मानसून पर भी निर्भर रहती है. उन्होंने बताया कि माॅनसून को लेकर विस्तृत अपडेट और ताजा रिपोर्ट मई के अंत भी किसानों के हित में प्रकाशित की जायेगी. अब तक मॉनसून के दौरान सामान्य से अधिक बारिश होगी.मालूम हो कि पिछले साल मॉनसून कमजोर था. कुछ इलाकों केा छोड़कर राज्य भर में मॉनसून का खस्ताहाल था. संताल में विशेषकर गोड्डा की स्थिति बेहद खराब थी. विभाग से ही मिली जानकारी के अनुसार जून व जुलाई में कम बारिश हुई थी. जून में वर्षापात 189 मिमी, जुलाई का 251.5 मिमी व अगस्त का 253 मिमी है. दो माह में कमोबेश नहीं के बराबर वर्षापात हुई थी. इसका असर खेती कार्य पर पूरा पड़ा. धान की रोपनी के लिए जुलाई व अगस्त का महीना पिक होता है. इस माह में अधिकांशत: रोपनी का काम समाप्त हो जाता है. इस बार सितंबर तक धनरोपनी होती रही. तीसरा बारिश के मामले में भी काफी विषमता थी. ऐसा इसलिए कि किसी प्रखंड में ताबड़तोड़ मुसलाधार बारिश हुई तो कहीं छिटपुट बारिश हुई. ऐसे में खेती कार्य पर असर पड़ना वाजिव है. पिछले साल अगस्त के अंतिम व सितंबर माह में हुई बारिश से किसानों ने खरीफ की खेती की थी. खेती कार्य में काफी देरी हुई थी. दूसरा किसानों को धान की बुआई में काफी लागत भी आयी थी. जानकारी के अनुसार पिछले साल 2024 में 01 जून से 30 सितंबर तक मात्र 920 मिमी वर्षा हुई थी, जबकि इसके ठीक पिछले साल 2023 में जिले भर में 1 हजार मिली वर्षापात रिकॉर्ड की गयी थी. इस साल जुलाई, अगस्त व सितंबर माह में वर्षा लगातार होती रही. इसलिए वर्ष 2023 धान की पैदावार के मामले में साल 2024 से काफी बेहतर था. अच्छा मौनसून होने से जिले में धानर की बंपर पैदावार हेाती है और नहीं होने पर सुखाड आदि का सामना करना पडता है. वर्ष 2022 में पूरे जिले में मात्र 10 प्रतिशत भू भाग पर ही खेती हो पायी थी. पूरे साल सुखाड का असर जिले में देखा गया था. लेकिन इस बार बेहतर मौनसून से जिले में खेती को लेकर बेहतर आस जगना वाजिब है. अगले पांच दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना अगले पांच दिनों तक गोड्डा समेतसंथाल परगना में तेज हवा के साथ मेघगर्जन व वर्षा की संभावना जतायी गयी है. मालूम हो कि पिछले तीन चार दिनों से जिले में मौसम का हाल बेहाल है. इससे रबी फसल को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANJEET KUMAR

लेखक के बारे में

By SANJEET KUMAR

SANJEET KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola