सोहराय मिलन समारोह में पारंपरिक नृत्य, गीत और चित्रकला का होगा प्रदर्शन

महागामा में पारंपरिक सोहराय महोत्सव को लेकर बैठक आयोजित
आदिवासी समाज में पारंपरिक सोहराय महोत्सव को लेकर महागामा में एक बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी बेटा राम मुर्मू ने की. इस दौरान आगामी 7 जनवरी को ऊर्जानगर के राजेंद्र स्टेडियम में आयोजित होने वाले भव्य सोहराय मिलन समारोह की रूपरेखा पर चर्चा की गयी. बेटा राम मुर्मू ने बताया कि सोहराय पर्व केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह आदिवासी समाज की सभ्यता, संस्कृति और प्रकृति-पूजन की जीवंत पहचान है. यह पर्व समाज को अपनी जड़ों से जोड़ता है और आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराता है. सोहराय पर्व में मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन को सर्वोच्च स्थान दिया गया है. बैठक के बाद ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक नृत्य और संगीत के बीच सोहराय पर्व की शुरुआत के लिए पूजा अर्चना भी की गयी. आयोजकों ने बताया कि सोहराय मिलन समारोह में पारंपरिक नृत्य-गीत, सोहराय चित्रकला की झलक और स्थानीय कलाकारों को मंच देने की योजना बनायी गयी है, ताकि संस्कृति और परंपरा का प्रचार-प्रसार किया जा सके.
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