ललमटिया खदान हादसा. मरनेवालों की संख्या हुई 16
एनडीआरएफ की दो टीमें और जुटी बचाव कार्य में
गोड्डा/बोआरीजोर : ललमटिया खदान हादसे के तीसरे दिन शनिवार को लोहरदगा और रामगढ़ के एक-एक कर्मियों सहित पांच और लोगों के शव बाहर निकाले गये. अब तक कुल 16 शवों को निकाला जा चुका है. शनिवार को पटना व रांची से दो और एनडीआरएफ टीम पहुंचीं. रेस्क्यू में एनडीआरएफ की टीम के साथ वहां काम करनेवाले कर्मी सहयोगियों के शव निकालने में लगे हैं. रेस्क्यू टीम द्वारा सुबह 9 बजे तक दो तथा शाम 4 बजे तक और तीन लाश निकाली गयी. इसीएल के महाप्रबंधक ने पत्र जारी कर सुनील भेगरा के परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया. इधर, शुक्रवार को निकाले गये 11 शवों को दो बजे गोड्डा सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिये लाया गया. वहीं शनिवार को निकाले गये पांच शव को देर रात तक गोड्डा लाने की तैयारी चल रही है.
पूर्व महाप्रबंधक गुणाधर पांडेय को बनाया बंधक
सुबह करीब छह बजे खदान क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे पूर्व महाप्रबंधक सह एमपीसीएल के निदेशक गुणाधर पांडेय व खनन मैनेजर प्रमोद कुमार को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया. इस दौरान प्रमोद कुमार के साथ धक्का-मुक्की करते हुए लोगों ने उन्हें मौत का जिम्मेवार ठहराया. आक्राेंशित कर्मियों का कहना था कि सभी 40 लोगों की मौत के पीछे प्रमोद कुुमार का हाथ है. लोगों ने दोनों को करीब तीन घंंटे तक बंधक बनाये रखा. इसकी सूचना के बाद सीआइएसएफ के कमांडेट प्रदीप मोर के साथ ललमटिया के एसआइ सच्चिदानंद सिंह पहुंचे और प्रमोद कुमार को गिरफ्तार कर ले जाने की बात कह कर छुड़ा कर लाये.
शव की हुई पहचान
शनिवार को निकाली गयी लाश की पहचान कर राजमहल कोल परियोजना के मुख्य प्रबंधक कार्मिक ने पुष्टि की है.
जिनके शव निकाले गये
सुनील भेंगरा : पिता पतरास भेंगरा, ग्राम जमुनियां पानी, थाना किसको, लोहरदगा
फुलेश्वर कुमार बरई : पटना
मो परवेज : रामगढ़, रांची
लड्डू यादव : नवादा , बिहार
मो जमील अहमद : मध्य प्रदेश
