15 तक करें एमआेयू के खामियों में बदलाव, नहीं तो करेंगे भूख हड़ताल

Published at :28 Oct 2016 6:20 AM (IST)
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15 तक करें एमआेयू के खामियों में बदलाव, नहीं तो करेंगे भूख हड़ताल

प्रदीप ने अडाणी के साथ एमओयू पर जतायी आपत्ति, कहा सरकार अडाणी को दे रही 1664 करोड़ का गिफ्ट गोड्डा : पोड़ैयाहट विधायक प्रदीप यादव ने गुरुवार को अपने आवास पर पत्रकार सम्मेलन में सरकार द्वारा अडाणी के साथ स्टेप-टू के एमओयू पर अापत्ति जतायी. उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी तरह से नियम कानून […]

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प्रदीप ने अडाणी के साथ एमओयू पर जतायी आपत्ति, कहा

सरकार अडाणी को दे रही 1664 करोड़ का गिफ्ट
गोड्डा : पोड़ैयाहट विधायक प्रदीप यादव ने गुरुवार को अपने आवास पर पत्रकार सम्मेलन में सरकार द्वारा अडाणी के साथ स्टेप-टू के एमओयू पर अापत्ति जतायी. उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी तरह से नियम कानून को ताक पर रख कर यह निर्णय लिया है. अडाणी के साथ स्टेप वन के एमओयू में गोड्डा में 1600 मेगावॉट पावर प्लांट के लिए था. जिसके लिए सरकार कंपनी को जमीन व सुविधा उपलब्ध करायेगी. स्टेप टू के एमओयू में सरकार ने ऊर्जा नीति की अनदेखी की है.
राज्य में चल रही इनलैंड पावर प्लांट रामगढ़ व आधुनिक पावर प्लांट सरायकेला खरसावां के साथ किये गये स्टेप टू के एमओयू में भारी विसंगतियां है. अडाणी के साथ किये गये स्टेप टू के एमओयू में सरकार ने वेरीएबल रेट डाला है. अपने ही प्रारूपों को सरकार ने ताक में रख कर अपने ही निर्णय को बदला है. यह बड़ा प्रश्न है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 15 नवंबर तक इस मामले में कार्रवाई नहीं होती है तो विवश होकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे. इसके बाद कार्यालय में तालाबंदी की जायेगी.
सरकार को प्रतिवर्ष होगा 1664 करोड़ का घाटा : विधायक ने कहा कि अडाणी के साथ किये समझौते में कंपनी को प्रतिवर्ष 1664 करोड़ का फायदा दिया है. जो राज्य के लिए सालाना घाटा है. सरकार ने महंगे दर पर बिजली की खरीदारी क्यों की यह बड़ा प्रश्न है. जबकि सामान्य स्टेट व प्रारूप में ओड़िशा, मध्यप्रदेश की सरकार सस्ते दर पर बिजली दे रही है. कहा : इससे पहले सरकार के स्टेप वन के एमओयू में 2012 की ऊर्जा नीति में विरोधात्मक है. स्पष्ट है कि जो कंपनी पावर प्लांट लगायेगी.
15 तक करें एमओयू…
अपना 25 प्रतिशत बिजली पहली प्राथमिकता (फर्स्ट राईट ऑफ फलेक्चुअल) के तहत राज्य को देगी. मगर कंपनी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि 1600 मेगावॉट में बिजली राज्य को नहीं बल्कि सीधे बांगलादेश को देगी. अगर राज्य सरकार को जरूरत होगी तो इसके लिए दूसरे सोर्स की आवश्यकता होगी.
अब होगी आर-पार की लड़ाई
पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि लगातार विरोध तथा लड़ाई के बावजूद गोड्डा के पदाधिकारी रैयतों की बातों को अनसूनी कर रहे हैं. सरकार के साथ पूरा प्रशासन कंपनी के हाथों बिका हुआ है. कानून ताक पर रख कर काम करने वाले ऐसे पदाधिकारी व सरकार के खिलाफ विधानसभा में मुद्दा उठायेंगे. कंपनी के 40 कर्मी में से मात्र दो कर्मी गोड्डा के हैं. वे गार्ड की नौकरी कर रहे हैं. बाकि बाहर राज्यों के हैं. इससे गोड्डा तथा राज्य दोनों को नुकसान हो रहा है. इस अवसर पर दिलीप साह, नारायण मंडल, मनोज यादव, पटल झा, अर्चना देवी तथा सुरेश यादव आदि मौजूद थे.
प्रेस वार्ता के दौरान विधायक प्रदीप यादव
गोड्डा में आवास पर प्रेस कांफ्रेंस करते झाविमाे के महासचिव प्रदीप यादव व अन्य.
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