जीएसटी को प्रभावी बनायें, होगी आर्थिक तरक्की
Updated at : 12 Aug 2017 5:32 AM (IST)
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कार्यशाला. नये भारत के निर्माण में डीसी ने जीएसटी को बताया महत्वपूर्ण कदम, कहा गुड्स एंड सर्विस टैक्स के तकनीकी पहलुओं की जानकारी डिप्टी कमिश्नर नरेश बुंदेल ने दी. इस दौरान कारोबारियों के मन में उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया गया. रिटर्न दाखिल करने व जीएसटी के दायरे में आनेवाले व्यवसायियों को कई […]
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कार्यशाला. नये भारत के निर्माण में डीसी ने जीएसटी को बताया महत्वपूर्ण कदम, कहा
गुड्स एंड सर्विस टैक्स के तकनीकी पहलुओं की जानकारी डिप्टी कमिश्नर नरेश बुंदेल ने दी. इस दौरान कारोबारियों के मन में उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया गया. रिटर्न दाखिल करने व जीएसटी के दायरे में आनेवाले व्यवसायियों को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी.
गोड्डा : जीएसटी को प्रभावी रूप से लागू करना है. सूचना प्रोद्योगिकी का इस्तेमाल करें. सरकार के कार्यों में पारदर्शिता की जा रही है. अच्छे दिन के सूचक हैं. अच्छे दिन के कार्य हो रहे हैं. पीएम ने सभी
कलेक्टर से नौ अगस्त को बात कर जीएसटी को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया है. ये बातें डीसी भुवनेश प्रताप सिंह ने समाहरणालय सभागर में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते कही. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने भारत छोड़ों का नारा दिया था. पांच वर्षों में अंगरेजों ने भारत छोड़ दिया. नये भारत का सपना प्रधानमंत्री देख रहे हैं. कंपनसेशन फ्री इंडिया का सपना देख रहे हैं. भारत के लिए हम सभी को संकल्प लेना है. अगले पांच साल में गोड्डा को कैसा देखना चाहते हैं,
ये सभी पर निर्भर है. जो 70 वर्षों में नहीं हो पाया वह पांच वर्षों में होगा. कार्यशाला में मुख्य रूप से कोटा से आये नेशनल मास्टर ट्रेनर सह डिप्टी कमिश्नर नरेश बुंदेल ने जीएसटी पर वृहद रूप से चर्चा कर जानकारी दी है. कार्यशाला वाणिज्य कर विभाग, जिला प्रशासन, चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के संयुक्त प्रयास से किया गया. इसके पूर्व डिप्टी कमिश्नर श्री बुंदेल, डीसी भुवनेश प्रताप सिंह, वाणिज्य कर आयुक्त विनय सिन्हा तथा चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष प्रीतम गाड़िया को बुके देकर सम्मानित किया गया.
सफल व्यापारियों ने पूछे सवाल
चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष श्री गाड़िया ने पूछा कि कम्पोजिट स्कीम क्र मश: 75 लाख के नीचे वाले व्यापारी को रिटर्न दाखिल करने के लिए क्या करना होगा. मास्टर ट्रेनर श्री बुंदेल ने कहा कि बिजनस सेल का केवल एक प्रतिशत टैक्स देना होगा, इसमें किसी भी प्रकार का ब्योरा नहीं देना है. चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के सचिव अरुण टेकरीवाल ने पूछा कि अनरजिस्टर्ड व्यापरी अगर सामान लेते हैं तो उनसे किस प्रकार से ब्योरा लेकर बिलिंग करना है. श्री बुंदेल ने छोटे व्यवसाईयों को 50 हजार के उपर के बिलिंग पर केवल उनको अपना पता ही देना होगा. आधार कार्ड व पेन कार्ड की जरूरत नहीं होगी. श्री बुंदेल ने कहा कि गैर पंजीकृत व्यापारी को 20 लाख के नीचे बिजनस करने वाले को कंज्यूमर ही माना जायेगा.
कार्यशाला में ये थे उपस्थित : एसडीओ सौरभ कुमार सिन्हा, एसी अनिल कुमार तिर्की, डीपीआरओ रवि कुमार, व्यवसायी बासुदेव राय, अफसर जमां, दीपक डायमिया, धमेंद्र कुमार गुप्ता, महताब आलम, पटेल गाडिया, मुकेश गाडिया, संजीव साह सहित करीब एक सौ व्यवसायी व अधिकारी भी कार्यशाला में शामिल हुएजीएसटी के स्ट्रक्चर को समझाने का हो रहा प्रयास
डिप्टी कमिश्नर श्री बुंदेल ने कहा कि जीएसटी के इस्ट्रक्चर को समझाने का प्रयास किया जा रहा हैं. केंद्र सरकार ने 17 प्रकार के अप्रत्यक्ष कर को शामिल कर एक टैक्स बनाया है. समझने में जो परेशानी हो रही है दूर की जा रही है. कहा कि एक टैक्स के ऊपर टैक्स लग रहा था. गुड्स एंड सर्विस टैक्स, एक्साइस को मिला कर जीएसटी का प्रारुप बनाया गया है. श्री बुंदेल ने सभी सफल व्यापारियों से पंजीकरण के बारे में सरलता पूर्वक समझाने का प्रयास किया. जो भी डॉक्यूमेंट है जीएसटी के पोर्टल पर उपलोड करने की बात कही. श्री बुंदेल ने बताया कि अगर आप गोड्डा के व्यापारी हैं. बिहार में आपका गोदाम है, तो वस्तु जहां उपयोग होगा, वहां के राज्य को टैक्स का फायदा होगा.
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