कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर व एकलव्य की तस्वीर पर माल्यार्पण कर हुई. समिति के केंद्रीय अध्यक्ष उमानाथ कोल ने कहा कि हम सभी कोल आदिवासी प्रकृति के पूजक हैं. हमारा समाज मानव समानता की नजर से कल्याण विकास और उत्थान चाहता है. हमारी मांगों में लुप्त हो रहे कोल जनजाति का सर्वे, हड़पी जमीन वापस करना, जनजाति सलाहकार परिषद में सदस्य मनोनीत करना, कोल अनूसूचित जनजाति को आदिम जाति का दर्जा देना, उजड़े परिवारों को वनाधिकार कानून के तहत वसीयत पट्टा देना आदि शामिल हैं.
जल्द ही होगा कोल समाज का महाधिवेशन
केंद्रीय महासचिव अनिल कोल ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों की सरकारों ने कोल जाति को अलग-अलग श्रेणी में रखकर इस समाज को बांटने का काम किया है. पूरे देश के कोल समाज के सदस्य एकत्रित हो रहे हैं और अपनी आवाज को बुलंद कर रहे हैं. झारखंड के अलावा यूपी, एपी, असम व बिहार में कोल समाज का महाअधिवेशन होगा. भूमि कोल, दशरथ कोल, रूपलाल कोल, हेमलाल कोल सहित अन्य लोग उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

