Giridih News :नहाय-खाय के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ शुरू

Giridih News :लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ शनिवार से नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया. श्रद्धालु महिलाओं ने स्नान कर व पवित्र भोजन ग्रहण कर छठी मइया की उपासना शुरू की.
सोमवार की सुबह से ही शहर के विभिन्न बाजारों में छठ की खरीदारी को लेकर लोगों की भीड़ लगने लगी. सब्जी, फल, सूप-दौरा, कपड़े और पूजन सामग्री की दुकानों पर काफी संख्या खरीदार पहुंचे. इधर, छठ घाटों की सफाई और तैयारियां अंतिम चरण में हैं. नगर निगम की सफाई टीम लगातार घाटों की स्वच्छता का काम कर रही है. शहर के उसरी नदी घाट, पचंबा तालाब, अरगाघाट, पुराना पुल छठ घाट, शास्त्रीनगर स्थित अमित बरदियार छठ घाट सहित अन्य जलाशयों पर सफाई और समतलीकरण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है. जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बिजली, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की विशेष तैयारी की गयी है. भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है, वहीं महिला और बाल सुरक्षा को लेकर महिला पुलिस कर्मी भी घाटों पर मौजूद रहेंगी.
नालियों का पानी बना चुनौती, घाटों पर फिल्टर प्लांट लगाने की मांग
सभी घाटों पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं. लेकिन इसके बावजूद नया पुल उसरी नदी घाट पर नालियों के गंदे पानी की समस्या इस बार भी सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है. इस संबंध में वार्ड नंबर 11 के उसरी नदी छठ पूजा समिति के अध्यक्ष सह निवर्तमान वार्ड पार्षद अशोक राम ने बताया कि घाटों के समीप बहनेवाली नालियों का पानी सीधे नदी में गिर रहा है, जिससे घाट की स्वच्छता पर असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि हर साल यह समस्या सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है. जब नालियों का पानी नदी में जाता है, तो श्रद्धालुओं को शुद्ध जल नहीं मिल पाता. उन्होंने कहा कि सोकपिट बनाना अस्थायी व्यवस्था है. इसके भरने से पानी ओवरफ्लो होकर फिर नदी की ओर जाने लगता है, जिससे घाट का वातावरण अस्वच्छ हो जाता है.
लोगों को लुभा रहा उसरी नदी का स्वच्छ जल
इस बार उसरी नदी का बहता पानी बच्चों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है. इस बार नदी का जल इतना स्वच्छ और बहावदार है कि बच्चे भी सुरक्षित रूप से पानी में खेल सकेंगे. पिछले कई वर्षों से उसरी नदी में पानी एक ही जगह जमा रहता था. इस वजह से जल दूषित हो जाता था और नदी के किनारे स्नान या खेलना मुश्किल हो जाता था. लेकिन इस वर्ष भारी वर्षा के बाद नदी का जल स्तर बढ़ गया है और पानी का बहाव शुरू हो गया है. नतीजतन नदी का पानी पहले से अधिक स्वच्छ और ताजगी से भरा नजर आ रहा है. चौड़ाई भी बढ़ गयी है.
सामाजिक संगठनों ने लगाया स्टॉल
सामाजिक संगठनों के द्वारा लगाया जाएगा फल का स्टॉल, सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे फल: रविवार से शहर के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक संगठनों ने फल स्टाल लगा दिया. इन स्टालों में श्रद्धालुओं को बाजार की तुलना में कम कीमत पर फल उपलब्ध हैं. स्टालों पर केला, सेब, संतरा, अनार और मौसमी फल उपलब्ध रहेंगे. संगठनों के द्वारा बताया कि स्टालों को शहर के प्रमुख बाजार, घाट और चौराहों पर लगाया जाएगा, ताकि श्रद्धालु आसानी से फल खरीद सकें और पूजा-अर्चना के लिए आवश्यक सामग्री जुटा सकें.
फलों का दर :
छठ महापर्व को देखते हुए फलों की दर में वृद्धि हुई है. नारियल: 100 रु प्रति जोड़ा, महताबी डाभ 80 रु प्रति जोड़ा, सेब :100-160 रु प्रति किलो, इख 60 रु प्रति जोड़ा, संतरा 100-140 रु प्रति किलो, शरीफा 120-140 रु प्रति किलो, अमरूद 120-140 रु प्रति किलो, अनार: 180-200 रु प्रति किलो, केला: 400-600 प्रति कांधी, अनानास 80-100 रु प्रति किलो, नासपाती: 280-340 रु प्रति किलो, मूली: 20 प्रति मुट्ठा बिक रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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