Girirdih News :चिकित्सक की गिरफ्तारी को ले मृतक के परिजनों ने नर्सिंग होम के गेट के समाने दिया धरना

Updated at : 24 Feb 2025 11:56 PM (IST)
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Girirdih News :चिकित्सक की गिरफ्तारी को ले मृतक के परिजनों ने नर्सिंग होम के गेट के समाने दिया धरना

Girirdih News :विश्वनाथ नर्सिंग होम में युवक की मौत से आक्रोशित लोगों ने सोमवार को नर्सिंग होम के गेट को जाम कर दिया. काफी देर तक लोगों ने नारेबाजी की और नीरज डोकानिया की गिरफ्तारी की मांग की.

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युवक की मौत के बाद परिजनों में थम नहीं रहा आक्रोश

विश्वनाथ नर्सिंग होम में युवक की मौत से आक्रोशित लोगों ने सोमवार को नर्सिंग होम के गेट को जाम कर दिया. काफी देर तक लोगों ने नारेबाजी की और नीरज डोकानिया की गिरफ्तारी की मांग की. बता दें कि शनिवार को देर रात पांडेयडीह के संतोष शर्मा की मौत विश्वनाथ नर्सिंग होम में हो गयी थी. मौत के बाद मृतक के परिजनों ने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था. रविवार को काफी हो हंगामा के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान का काम शुरू कर दिया है. मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को मृतक संतोष शर्मा के भाई झामुमो के नेता प्रदोष अपने कुछ समर्थकों के साथ नर्सिंग होम के मुख्य गेट पर धरना पर बैठ गये. धीरे-धीरे जेएमएम के और भी कई नेता और कार्यकर्ता धरनास्थल पर आये और काफी देर तक नारेबाजी की गयी. मृतक के भाई व जेएमएम के नेता प्रदोष का कहना है कि संतोष की मौत इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ नीरज डोकानिया के लापरवाही से हुई है और इस मामले में यदि गिरफ्तारी नहीं हुई तो पुन: वे नर्सिंग होम के समक्ष धरना पर बैठेंगे.

आयुष्मान रहते 40 हजार रुपये जमा लिया गया

प्रदोष ने बताया कि वे पटना में इलाज करा रहे थे, लेकिन उन्हें सूचना भेजी गयी कि मरीज को वापस ले आयें. गिरिडीह में बेहतर तरीके से ऑपरेशन हो जायेगा. लेकिन संसाधनों की कमी रहते हुए भी डॉ डोकानिया ने मरीज को भर्ती कर लिया और रात लगभग ढाई बजे अचानक बताया गया कि मरीज की स्थिति क्रिटिकल है. साथ ही खून की भी मांग की गयी. यह भी बताया कि उनके भाई का इलाज आयुष्मान कार्ड के माध्यम से हो रहा था. लेकिन उनसे 70 हजार रुपये की मांग की गयी और 40 हजार रुपये अग्रिम लिया गया.

लापरवाही का आरोप गलत : डॉ डोकानिया

इधर विश्वनाथ नर्सिंग होम के मालिक व डॉ नीरज डोकानिया के पिता डॉ एसके डोकानिया का कहना है कि लापरवाही का आरोप बिल्कुल गलत है. यह सही है कि मरीज की स्थिति क्रिटिकल थी और एल्कोहलिक रहने के कारण उनका लीवर काफी डैमेज हो चुका था. फलस्वरूप ऑपरेशन के बाद अचानक उनकी स्थिति खराब हुई है. बताया कि मरीज का इलाज आयुष्मान कार्ड से कराया जा रहा था. उन्होंने इसके लिए 40 हजार रुपये लिया भी नहीं है. यह आरोप बिल्कुल गलत है. मरीज को ऑपरेशन के पूर्व आइसीयू में रखा गया था, जिसके लिए लगभग साढ़े तेरह हजार रुपये लिये गये थे.

गिरिडीह व राजधनवार के मामले में कमेटी करेगी जांच : डीसी

इधर डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि राजधनवार और गिरिडीह में इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में लापरवाही के आरोप लगे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों ही मामलों की जांच के लिए कमेटी गठित की जा रही है. दोनों ही कमेटियों में संबंधित अनुमंडल के एसडीओ और एसीएमओ सदस्य होंगे. कमेटी को शीघ्र ही रिपोर्ट देने का निर्देश दिया जायेगा ताकि दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की जा सके. वहीं गिरिडीह नगर थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद ने कहा कि मृतक के परिजन के लिखित आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गयी है. दोषी लोगों के विरुद्ध शीघ्र ही विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी.

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