Giridh news :नगर निगम चुनाव में प्रचार बना रोजगार का जरिया

Giridh news :नगर निगम चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गयी है. मेयर पद से लेकर वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशियों ने ताकत झोंकनी शुरू कर दी है. सुबह से लेकर देर रात तक जनसंपर्क अभियान का दौर चल रहा है. अभियान के दौरान समूहों के साथ बैठक की जा रही है.
मतदाताओं को गोलबंद करने के लिए तमाम प्रयास तेज कर दिये गये हैं. शहरी क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में अस्थायी चुनाव कार्यालय खोलने के अलावे बैनर, पोस्टर, स्टीकर लगाने का सिलसिला जारी है. एक ओर जहां प्रत्याशी पसीना बहा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चुनावी धार पैदा करने के लिए उनके सहयोगी रणनीति तैयार करने में जुटे हुये हैं. इससे इतर नगर निगम चुनाव में कई के लिए प्रचार रोजगार का जरिया बना हुआ है. इसके तहत टोटो चालकों, साउंड सिस्टम संचालक, प्रिटिंग प्रेस, कलाकार, रील्स मेकर, पोस्टर चिपकाने वाले और प्रचार कार्य में जुटे लोगों को अच्छी कमाई हो रही है.
वाहन, साउंड सिस्टम व डेकोरेटर की रही कमाई
इस चुनाव में प्रत्याशियों ने अपने-अपने पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए वाहन की व्यवस्था कर रखी है. इन वाहनों में साउंड सिस्टम के साथ जेनरेटर उपलब्ध रहता है. कई प्रत्याशी जहां डीजे साउंड सिस्टम को चुनाव प्रचार अभियान में प्रयोग कर रहे हैं तो कई चोंगा का. इसके लिए प्रत्याशियों को खर्च का वहन करना पड़ रहा है. वार्डों में टोटो का संचालन करा प्रचार कराया जा रहा है. टोटो चालक रहमान का कहना है कि प्रतिदिन प्रचार करने के लिए एक हजार से लेकर डेढ़ हजार रुपये तक दिया जाता है. खाना की व्यवस्था अलग होती है. चुनाव में विभिन्न प्रिटिंग प्रेस की भी चांदी कट रही है. यहां पर हरेक साइज का पोस्टर छपवाने के लिए अलग-अलग राशि तय है. एडवांस में राशि लेकर पोस्टर छापा जा रहा है. जो रेगुलर कस्टमर हैं, उन्हें थोड़ी रियायत दी जाती है. चुनाव में अलग-अलग गाना के माध्यम से प्रचार अभियान में रोमांच भरा गया है. लिहाजा गीत गाने वाले कलाकारों को भी रोजगार मिला हुआ है. इसके अलावे रील्स मेकर, पोस्टर चिपकाने वाले और प्रचार अभियान में जुटे कुछेक को भी रोजगार मिला हुआ है.
सुदूर प्रखंडों से आकर निगम क्षेत्र में करते हैं प्रचार
नगर निगम चुनाव में सुदूर प्रखंडों से आकर भी कई लोग प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं. ऐसे लोगों के लिए मुख्यालय में रहने खाने की व्यवस्था की जाती है. इनमें से कई जहां समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं, वहीं कुछ जरूरतमंद मेहनताना पर हैं. इस संबंध में एक प्रत्याशी के साथ प्रचार अभियान में जुटे व्यक्ति ने कहा कि वह बेंगाबाद प्रखंड के हैं, लेकिन पुराना संबंध होने के कारण शहर में आकर प्रचार कर रहा है. वहीं, माइका फैक्ट्री में कार्य करने वाली कुछ महिलाओं का कहना है कि सुबह में दो से तीन घंटे तक प्रचार करने के एवज में मेहनताना मिलता है. प्रचार खत्म करने के बाद वह काम करने के लिए चली जाती है.
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