मोक्ष सप्तमी से पहले मधुबन में गहराया पेयजल संकट, 12 दिनों से ठप है पानी की आपूर्ति
मधुबन स्थित पारसनाथ का विहंगम दृश्य
सम्मेद शिखरजी में मोक्ष सप्तमी को लेकर श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है, लेकिन मधुबन में 12 दिनों से जलापूर्ति बाधित है. इससे पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ तीर्थयात्रियों को भी भारी परेशानी हो रही है. प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की गई है.
मोक्ष सप्तमी को लेकर सम्मेद शिखरजी के मधुबन में देशभर से श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है. इस बीच मधुबन-पीरटांड़ जलापूर्ति योजना बाधित रहने से क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है. पानी की आपूर्ति बंद रहने से स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
12 दिनों से ठप है जलापूर्ति
जानकारी के अनुसार मधुबन-पीरटांड़ जलापूर्ति योजना से जुड़े कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं. कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण पिछले करीब 12 दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह बंद है. इससे मधुबन और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है.
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से बढ़ी मांग
चातुर्मास और आगामी मोक्ष सप्तमी को लेकर मधुबन में देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ पानी की मांग भी बढ़ गयी है. ऐसे समय में जलापूर्ति ठप रहने से स्थिति और गंभीर हो गयी है.
स्थानीय लोगों को भी हो रही परेशानी
पानी की आपूर्ति बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. कई इलाकों में लोगों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है. वहीं बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों को भी पेयजल की कमी का सामना करना पड़ रहा है.
समाधान की मांग
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि मोक्ष सप्तमी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन से पहले पेयजल व्यवस्था सुचारु करना आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
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