Giridih News: हाथियों के झुंड ने लेवरा व असनासिंघा में रातभर मचाया उत्पात

Updated at : 24 May 2025 12:34 AM (IST)
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Giridih News: हाथियों के झुंड ने लेवरा व असनासिंघा में रातभर मचाया उत्पात

Giridih News: बिरनी के लेवरा, दलांगी व असनासिंघा में 32 हाथियों का झुंड बीते 15 मई से लगभग हर रात में उत्पात मचा रहा है. 10 दिनों से वन विभाग के कर्मी हाथियों के उत्पात से लोगों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं. हाथियों को सुरक्षित स्थल पर ले जाने के लिए वन विभाग के कर्मियों द्वारा काफी प्रयास किया जा रहा है.

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गुरुवार शाम करीब सात बजे लेवरा जंगल से निकलकर हाथी गांव में पहुंचे. हाथियों को देखते ही ग्रामीणों में अफरातफरी मच गयी. लेवरा के शंकर पासवान की मुर्गी फार्म को हाथियों का झुंड तोड़ चूजों के लिए रखा ढाई क्विंटल दाना को चट कर गये. इस क्रम में करीब 200 चूजों को हाथियों ने कुचल दिया. शंकर पासवान ने बताया कि शाम को बूंदाबूंदी हो रही थी. मुर्गी फार्म के बगल में उनका घर है. खाना खाकर इसी मुर्गी फार्म में वे सपत्निक सोये हुए थे. अचानक हाथियों की आवाज सुन दंग रह गये. वे दोनों जान बचाकर वहां से हल्ला करते हुए घर में किसी तरह घुस गये.

स्कूल की रसोई का दरवाजा तोड़कर कर दो क्विंटल चावल खा गये

ग्रामीणों ने सतर्कता के साथ मशाल जलायी और व घर के दरवाजे पर आग जलाई. उसके बाद वहां से निकलकर हाथी उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय लेवरा पहुंचे. वहां रसोई घर का दरवाजा तोड़ कर एमडीएम का रखा दो क्विंटल चावल खा गये. दरवाजा तोड़ने से दीवार में कई जगह दरार पड़ गयी है. वहां से निकल हाथियों ने रफीक अंसारी के घर का मुख्य दरवाजा तोड़ दिया. हाथियों का झुंड घर के अंदर घुसकर चावल, गेहूं, एक क्विंटल आलू व डेढ़ क्विंटल प्याज खा गये. गृहस्वामी ने बताया कि दरवाजा तोड़ते ही हाथियों को देखते ही सभी परिजनों ने छत पर चढ़कर जान बचायी. छत पर नहीं चढ़े होते तो हाथियों ने पूरे परिवार को कुचल दिया होता. हाथियों ने संजय दास की मुर्गी फार्म को भी तोड़ दिया. संजय ने बताया कि उन्हें करीब डेढ़ लाख का नुकसान हुआ है.

छत पर चढ़कर लोगों ने बचायी अपनी जान

मुर्गी फार्म के बगल प्रकाश दास के घर की खिड़की व मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश कर गये. वहां घर में रखा अनाज खा गये. गृहस्वामी ने कहा कि खिड़की तोड़ते ही परिवार के लोगों ने घर की छत पर चढ़कर जान बचायी.वन विभाग के प्रभारी वनपाल योगेंद्र प्रसाद व अबोध महथा ने बताया कि हाथियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए पूरी टीम दस दिन से लगी हुई है. ग्रामीण आवेदन विभाग के नाम पर दें. उसे विभाग की ओर से मुआवजा मिलेगा. क्षति का आकलन किया जा रहा है.

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MAYANK TIWARI

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