Giridih News :सैलानियों को आकर्षित करता है गोरहंद डैम

Published by : PRADEEP KUMAR Updated At : 03 Dec 2025 10:45 PM

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Giridih News :दो जिलों की सीमा पर बसे गोरहंद डैम की खूबसूरती पर्यटकों को सालों भर आकर्षित करता है. नव वर्ष पर भारी भीड़ उमड़ती है और यह प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है.

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धनवार प्रखंड के गोरहंद तथा कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड के अरकोसा गांव की सीमा पर यह डैम स्थित है. डैम के चारों ओर फैली हरियाली, शांत जलधारा और जंगलों की गोद में बसा यह डैम स्थानीय लोगों से लेकर बाहरी पर्यटकों तक सभी के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बन चुका है. जलाशय, खुले मैदान और प्राकृतिक दृश्य नव वर्ष के अवसर पर हजारों सैलानियों को आकर्षित करते हैं. परिवार, युवा और बच्चे नये साल का स्वागत करने के लिए डैम के किनारे पहुंचते हैं. प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था चुस्त कर देता है. स्थानीय दुकानदारों के अनुसार 30 दिसंबर से एक जनवरी के बीच सबसे ज्यादा भीड़ रहती है. इससे क्षेत्र के बाजारों की रौनक भी बढ़ जाती है.

फोटोग्राफी के लिए बेहतर लोकेशन

हरी-भरी पहाड़ियां, नीले पानी का विस्तृत फैलाव और भोर-शाम के मनोहारी दृश्य फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी डैम को एक बेहतरीन लोकेशन हैं. युवा समूह यहां पिकनिक मनाने और फोटोग्राफी शूट के लिए पहुंचते हैं. डैम के आसपास की शांत वादियां प्रकृति प्रेमियों को सुकून का एहसास कराती है. पक्षियों की चहचहाहट और सुबह की धुंध में लिपटा जलाशय दृश्य किसी भी पर्यटक के मन को मोह लेता है. यहां आने वाले पर्यटकों के कारण आसपास के गांवों के लोगों को रोजगार भी मिलता है. स्थानीय निवासी जलपान, खिलौने, चाय, स्नैक्स और स्थानीय उत्पाद बेचकर अपनी आय बढ़ाते हैं.

छुट्टियों में बढ़ जाती है रौनक

मुखिया विदेशी पासवान, कुंदन यादव, देवेंद्र विश्वकर्मा सेत अन्य नेबताया कि डैम का आकर्षण ऐसा है कि सामान्य दिनों में भी यहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है. सुबह-शाम टहलने आने वाले स्थानीय लोग हों या सप्ताहांत में घूमने आने वाले परिवार हर मौसम में डैम की सुंदरता लोगों का मन मोह लेती है. विशेषकर सर्दियों के मौसम में दूर-दराज से भी पर्यटक यहां पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन सुविधाओं को और बेहतर किया जाये, तो यहां पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है. पेयजल, बैठने की व्यवस्था, शौचालय और सुरक्षा के लिए स्थायी सुरक्षा की यहां जरूत है. बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में छोटी और बड़ी दुर्घटनाओं में नौका विहार के दौरान नौ लोगों की मौत हो चुकी है. इसलिए इस डैम में प्रशिक्षित नाविकों तथा सुरक्षित बोट व प्रशासनिक देखरेख में नौका विहार आवश्यक है.

कैसे पहुंचे

खोरीमहुआ से घोड़थंभा के रास्ते करगाली होते हुए डैम तक की दूरी 28 किमी है. कोडरमा जिला मुख्यालय से बरियारडीह के रास्ते मरकच्चो होते हुए डैम के पश्चिमी छोर पर 60 किलोमीटर दूरी तय कर पहुंचा जा सकता है. सरिया अनुमंडल कार्यालय से बरमसिया के रास्ते मरकच्चो होते हुए भी डैम तक करीब 50 किलोमीटर दूरी तय लोग आते हैं. यहां आने के लिए निजी वाहन सबसे उपयुक्त है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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