Giridih News :वैश्विक अंतर धार्मिक प्रतिज्ञा सप्ताहांत अभियान का समापन

Giridih News :स्थानीय समाजसेवी संस्था बनवासी विकास आश्रम गिरिडीह के एक्सेस टू जस्टिस परियोजना तथा जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नेटवर्क के तहत बाल विवाह रोकथाम के लिए वैश्विक अंतर धार्मिक प्रतिज्ञा अभियान का समापन रविवार को हुआ.
12 से सितंबर से चल रहे इस अभियान में विभिन्न समुदाय के धर्मगुरुओं को बाल विवाह रोकथाम के प्रति जागरूक किया तथा उन्हें अपना संदेश अपने अनुयायियों तक पहुंचाने हेतु वचन लिया. रविवार को बरगंडा स्थित चर्च के मुख्य पास्टर लालू दास, सहयोगी पास्टर धीरज मशीह तथा मुकुल बड़ा ने अपने संदेश में कहा कि यीशु ने बच्चों को अपने धर्मोपदेश के केंद्र में रखा. कहा कि बाल विवाह मासूमियत को पीड़ा में बदलकर इस शिक्षा को खारिज करता है. ईसाई होने के नाते हमें कमजोर लोगों के साथ खड़े होने और उनकी गरिमा की रक्षा करने के लिए कहा जाता है. सनातन धर्म के धर्म गुरु निधि पंडा, उदय कुमार पंडा, जनार्दन पंडा ने कहा कि हमारे धर्मग्रंथ बेटियों को घर की लक्ष्मी, समृद्धि और आशीर्वाद का प्रतीक मानते हैं. उन्हें कम उम्र में विवाह के लिए मजबूर करना इस पवित्र विश्वास का अपमान है. जामा मस्जिद गिरिडीह के सदर सचिव मो तसलीम, मौलाना मुदस्सीर इमाम, लाइन मस्जिद गिरिडीह के मो जाफर रहमानी, मो सलीम अख्तर मिसबाही ने कहा कि इस्लाम में विवाह एक पवित्र अनुबंध (निकाह) है जिसके लिए परिपक्वता, समझ और जिम्मेदारी की आवश्यकता होती है. एक बच्चा इन दायित्वों को पूरा नहीं कर सकता.
बाल विवाह मूल्यों के
विरुद्ध है
स्टेशन रोड गुरुद्वारा के ग्रंथी सरदार सतनाम सिंह ने अपने गुरु वाणी में कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब हमें सत्य, करुणा और समानता में जीने की शिक्षा देता है. बाल विवाह इन मूल्यों के विरुद्ध है, बेटियों को उपहार मानने के बजाय उन्हें बोझ बना देता है. बाल अधिकार कार्यकर्ता सह बनवासी विकास आश्रम के सचिव सुरेश कुमार शक्ति ने कहा कि बाल विवाह एक अपराध है. यह स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा का संकट है. बाल विवाह बच्चों के शोषण के सबसे बुरे रूपों में से एक है. यह जघन्य प्रथा न केवल बच्चे के बचपन का अचानक अंत कर देती है, बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी गरीबी के दुष्चक्र को भी जन्म देती है, जिससे देश का आर्थिक विकास प्रभावित होता है.
सभी समुदाय के धर्म गुरुओं ने बाल विवाह नहीं करने का दिया संदेशडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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