Giridih News :मिट्टी के दीये जलाने का बच्चों ने लिया संकल्प

Edited by PRADEEP KUMAR
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Giridih News :दीपोत्सव यानी दीपावली, भारतीय संस्कृति का सबसे उल्लासपूर्ण और प्रकाशमय पर्व है. यह अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. दीपावली न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी देती है.प्रोग्रेसिव पब्लिक स्कूल के बच्चों ने मिट्टी के दीये जलाने व दूसरों की दिवाली भी मीठी करने का संकल्प लिया.

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मिट्टी के दीये जलायेंगे, दूसरों की भी करेंगे मदद

प्रभात खबर के अभियान प्रोग्रेसिव पब्लिक स्कूल के बच्चों ने ली शपथ18. गिरिडीह. 108, 109. शपथ लेते अधिकारी, शिक्षकगण व छात्र-छात्राएं, 110. सुमेधा जायसवाल, 111 (33). अलीशा कुमारी, 112 (34). कृष्ण कुमार राणा, 113 (35). पूजा कुमारी, 114 (36). मधु कुमारी, 115 (37). मंतशा फातिमा

डुमरी. दीप उत्सव यानी दीपावली, भारतीय संस्कृति का सबसे उल्लासपूर्ण और प्रकाशमय पर्व है. यह अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. दीपावली न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी देती है. इसी क्रम में प्रभात खबर द्वारा चलाये जा रहे मीठी दिवाली अभियान के तहत शनिवार को प्रोग्रेसिव पब्लिक स्कूल में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम किया गया. मुख्य अतिथि एसडीपीओ सुमित कुमार, इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद और थाना प्रभारी प्रणीत पटेल उपस्थित थे. स्कूल प्रबंधन ने अतिथियों को सम्मानित किया. बच्चों ने मिट्टी के दीये जलाने और प्रदूषण नहीं फैलाने का संकल्प लिया.

अधिकारियों ने कहा

एसडीपीओ सुमित कुमार ने बच्चों को दीपावली का वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व है. शिक्षक कुम्हार की तरह होते हैं, जो अपने शिष्य को ज्ञान के माध्यम से एक मजबूत और सुंदर व्यक्तित्व में ढालते हैं. बच्चों से चाइनीज लाइट की जगह स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाये गये मिट्टी के दीयों का उपयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि मिट्टी के दीयों से ना केवल पर्यावरण सुरक्षित रहता है, बल्कि यह हमारे पारंपरिक शिल्पकारों को भी प्रोत्साहन देता है. दीयों से निकलने वाली रोशनी प्रदूषण रहित होती है और यह हमारे वातावरण को भी गर्माहट देती है, जिससे तापमान संतुलित रहता है. इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद ने दीपावली की शुभकामना दी. कहा कि इस पर्व हमें मिलजुल मनाना चाहिए. बच्चों को पटाखों के इस्तेमाल के दौरान सतर्क रहने और ग्रीन क्रैकर्स के उपयोग की सलाह दी. वहीं, थाना प्रभारी प्रणीत पटेल ने बच्चों को दीपावली को सुरक्षित, स्वच्छ और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि मीठी दिवाली का उद्देश्य यही है कि हम मिठास फैलाएं, ना कि प्रदूषण. एसडीपीओ ने सुप्रीम कोर्ट और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी भी दी. बताया कि राज्य में केवल ग्रीन क्रैकर्स के उपयोग की अनुमति है और वह भी तय समय सीमा के भीतर. दीपावली व गुरुपर्व के दिन रात आठ बजे से 10 बजे तक ही पटाखे चलाने की इजाजत दी गयी है. पटाखों की ध्वनि सीमा 125 डेसिबल से अधिक नहीं होनी चाहिए. शिक्षकों व छात्रों ने रंगोली बनायी. डिप्टी डायरेक्टर शमीम अख्तर, सचिव वसीम अकरम, स्कूल के शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी शामिल थे.

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