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अधिकारियों व पुलिस टीम पर हमला करने वाले की जमानत याचिका खारिज

Updated at : 22 May 2024 11:07 PM (IST)
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अधिकारियों व पुलिस टीम पर हमला करने वाले की जमानत याचिका खारिज

हीरोडीह थाना क्षेत्र के भंडारो गांव में न्यायालय के आदेशानुसार जमीन की मापी करने गये अधिकारियों व पुलिस पर प्रतिवादियों द्वारा किये गये हमला के मामले में गिरफ्तार आरोपी जागेश्वर विश्वकर्मा उर्फ जागेश्वर राणा की जमानत याचिका को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद की अदालत ने खारिज कर दी है.

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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई सुनवाई

हीरोडीह थाना क्षेत्र के भंडारो में जमीन मापी करने गयी थी टीम

गिरिडीह.

हीरोडीह थाना क्षेत्र के भंडारो गांव में न्यायालय के आदेशानुसार जमीन की मापी करने गये अधिकारियों व पुलिस पर प्रतिवादियों द्वारा किये गये हमला के मामले में गिरफ्तार आरोपी जागेश्वर विश्वकर्मा उर्फ जागेश्वर राणा की जमानत याचिका को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद की अदालत ने खारिज कर दिया है. मामला हीरोडीह थाना कांड संख्या 51/24 दिनांक (5 अप्रैल 24) से जुड़ा हुआ है.क्या है पूरा मामला

मामला यह है कि पांच अप्रैल को सिविल जज वरीय कोटि प्रथम गिरिडीह के पत्रांक संख्या 166/24 के आलोक में बंटवारा वाद संख्या 187/16 को लेकर भूमि मापी के लिए अधिवक्ता आयुक्त अमर कुमार के साथ अन्य सहयोगियों व पुलिस बल को नियुक्त किया गया था. इसके बाद उक्त लोग हीरोडीह थाना क्षेत्र के भंडारो गांव पहुंचे और उक्त जमीन की मापी करने लगे. इसी दौरान प्रतिवादी ने इसका विरोध किया और टीम से बहसबाजी करने लगा. बहसबाजी के दौरान अचानक अधिकारियों पर हमला कर दिया. इस मारपीट मामले में तीन लोग घायल हो गये थे, जिसमें अधिवक्ता आयुक्त अमर कुमार, पुलिस आरक्षी पवन कुमार व बाघंबर मोहन सिन्हा शामिल थे. इस मामले में अमर कुमार सिन्हा की शिकायत पर हीरोडीह में कांड संख्या 51/24 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इसमें सीतो राणा, बालगोविंद राणा, राधे मिस्त्री, महेंद्र राणा, पंकज राणा, जागेश्वर राणा, सीतो राणा की पत्नी, बालगोविंद राणा की पत्नी व राधे मिस्त्री की पत्नी को नामजद सहित 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इसी मामले में पुलिस ने जागेश्वर विश्वकर्मा उर्फ जागेश्वर राणा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. बचाव पक्ष की ओर से किसी भी अधिवक्ता ने मुकदमा लड़ने से इंकार कर दिया था. इसके बाद डालसा ने एक अधिवक्ता नियुक्त किया. उक्त अधिवक्ता के सहारे पहले निचली अदालत में जमानत की अपील की गयी. वहां जमानत याचिका रद्द हो गयी. इसके बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत के लिए अपील की गयी, जहां पुन: जमानत याचिका रद्द कर दी गयी.अन्य अभियुक्तों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो एसपी से मिलेगा शिष्टमंडल : शिवेंद्र सिन्हा

इस मामले को लेकर अधिवक्ता शिवेंद्र सिन्हा ने बताया कि अधिकारियों व पुलिस टीम पर हमला करने वाले अन्य आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. पुलिस इनकी गिरफ्तारी को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है. जल्द घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो अधिवक्ताओं का एक शिष्टमंडल गिरिडीह के एसपी से मुलाकात कर गिरफ्तारी की मांग करेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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