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अपहृत युवक का शव पहुंचा, मातम

Updated at : 27 Dec 2019 8:34 AM (IST)
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अपहृत युवक का शव पहुंचा, मातम

डुमरी : हजारीबाग के विष्णुगढ़ से अपहृत डुमरी थाना क्षेत्र के खेचगढ़ी निवासी अजय महतो का शव बुधवार रात को उसके पैतृक गांव पहुंचा. यहां परिजनों के चीत्कार से गांव गमगीन हो गया. जानकारी पर बुधवार को डुमरी विधायक जगरनाथ महतो, जिप अध्यक्ष राकेश महतो और प्रमुख यशोदा देवी मृतक के घर पहुंचे और परिजनों […]

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डुमरी : हजारीबाग के विष्णुगढ़ से अपहृत डुमरी थाना क्षेत्र के खेचगढ़ी निवासी अजय महतो का शव बुधवार रात को उसके पैतृक गांव पहुंचा. यहां परिजनों के चीत्कार से गांव गमगीन हो गया. जानकारी पर बुधवार को डुमरी विधायक जगरनाथ महतो, जिप अध्यक्ष राकेश महतो और प्रमुख यशोदा देवी मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वसान दिया़ मृतक के परिजनों ने गांव के रमेश मरांडी पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है. इधर डुमरी पुलिस रमेश की पत्नी बिशनी देवी, भाई बलधन हेंब्रम और पुत्र अजय हेंब्रम को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

क्या है मामला : खेचगढ़ी निवासी मोहन महतो का पुत्र अजय महतो पंचायत स्वयं सेवक था. अपराधियों ने उसकी हत्या कर शव को हजारीबाग स्थित टाटी झारिया क्षेत्र के होलंग के पास नदी में फेंक दिया था़
हजारीबाग पुलिस ने इस मामले में दो अपराधियों को गिरफ्तार किया. पकड़ाये अपराधियों की निशानदेही पर 24 दिसंबर को शव बरामद किया गया. परिजनों ने पुलिस को बताया कि अजय महतो टावर लाइन में भी काम के लिए मजदूर को भेजता था.
इसी गांव के रमेश मरांडी ने अजय को इसके लिए विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के चितरामो में मुन्नू मांझी से मिलने के लिए बताया था और रमेश ने अजय महतो को मुन्नू का नंबर भी दिया था. जब अजय ने मुन्नू से बात करने के बाद 22 दिसंबर को अपने एक दोस्त नीरज महतो के साथ अपनी स्कूटी से मुन्नू से मिलने चला गया. अजय विष्णुगढ़ अस्पताल के पास अजय की मुलाकात मुन्नू से हुई.
वहां पर मुन्नू ने अजय के दोस्त नीरज को मोड़ में रुकने की बात कह अजय को गांव की ओर लेकर चला गया. घंटों इंतजार के बाद भी अजय नहीं लौटा तो नीरज ने इसकी जानकारी अजय के परिजनों को दी़ सूचना के बाद अजय के घरवाले भयभीत हो गये और अजय की खोजबीन करने निकल गये़
मोबाइल से मांगी गयी फिरौती : 22 दिसंबर की रात अजय के पिता मोहन महतो के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने कॉल करके बताया कि अपका पुत्र अजय हमलोगों की कब्जे में है. अगर अजय को जिंदा चाहिए तो 12 लाख रुपये लाकर दो. दोबारा मोबाइल पर कॉल कर अपराधियों द्वारा पैसे की डिमांड हुई तो अजय के परिजनों ने 12 लाख रुपये देने में असर्मथता जाहिर की. इसके बाद अपराधी ढाई लाख रुपये की मांग करने लगे.
अजय के परिवार वालों द्वारा पैसे पहुंचाने की जगह के बारे में पूछा तो अपरधियों ने पहले उसके परिजन को पैसे लेकर हॉस्पिटल चौक बुलाया. इसके बाद फोन कर उन लोगों ने अजय के परिजनों को पैसा एक महुआ वृक्ष के नीचे छोड़ देने की बात कही़ मामले की जानकरी विष्णुगढ़ पुलिस को देते हुए अजय के परिजन रुपये लेकर बताये गये स्थान पर पहुंचे.
फिरौती मांगने वाले को अजय के परिजनों ने बताया कि वे लोग रुपये लेकर बताये गये स्थान पर पहुंचे हैं तो उधर से कहा गया कि रुपये को पेड़ के नीचे रख कर वापस चले जायें, लेकिन अजय के परिजन उन लोगों को इस शर्त पर रुपये उठाने की बात कही कि जब वे लोग अजय को उनकी ओर भेजेंगे तभी वे रुपये उठायें.
हालांकि फिरौती मांगने वालों पर अजय के परिजनों को भरोसा नहीं हुआ. इसलिए बताये गये स्थान के आसपास रुपये पहुंचाने गये अजय के परिजनों में से एक व्यक्ति उक्त स्थान पर छुप गया. तभी दो बाइक में सवार होकर चार लोग वहां पहुंचे और एक ने बाइक से उतरकर रुपये उठा लिया.
यह देख दूर खड़े अजय के परिजन उनकी ओर दौड़ गये. अजय के परिजनों को अपनी ओर आता देख फिरौती की मांग करने वाले बाइक छोड़कर भागने लगे. इस दौरान अजय के परिजनों ने फिरौती लेने आये मुन्नीलाल हेंब्रम और सुरेश हेंब्रम को पकड़ लिया. तब तक पुलिस भी वहां पहुंच चुकी थी. अजय के परिजनों ने पकड़े गये दोनों लोगों को पुलिस को सुपुर्द कर दिया था.
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