गिरि हत्याकांड में छह को उम्रकैद

Updated at : 17 Sep 2019 2:12 AM (IST)
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गिरि हत्याकांड में छह को उम्रकैद

जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ध्रुव चंद्र मिश्रा की अदालत ने सुनायी सजा देवरी में 16 अगस्त 2011 की रात को घटी थी घटना गिरिडीह : जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) ध्रुव चंद्र मिश्रा की अदालत ने हत्या के मामले में दोषी छह लोगों को सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. साथ ही 10 […]

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जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ध्रुव चंद्र मिश्रा की अदालत ने सुनायी सजा

देवरी में 16 अगस्त 2011 की रात को घटी थी घटना
गिरिडीह : जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) ध्रुव चंद्र मिश्रा की अदालत ने हत्या के मामले में दोषी छह लोगों को सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है. जुर्माना की राशि नहीं देने पर छह माह साधारण कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी. भादवि की धारा 302/34 में यह सजा दी गयी है.
देवरी के कांग्रेस गिरि हत्याकांड में यह फैसला सुनाया है. सजा पाने वालों में देवरी के बालदेव गिरि, सुधीर गिरि, गौतम गिरि, वासुदेव गिरि, इंद्र देव गिरि उर्फ इंदर गिरि एवं रामदेव गिरि शामिल हैं. अदालत ने 11 सितंबर को ही इन्हें दोषी करार दिया था. सजा सुनाने को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सोमवार को केंद्रीय कारा से इन सभी को अदालत लाया गया था. सजा सुनाये जाने के बाद इन सभी को पुन: कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में केंद्रीय कारा भेज दिया गया.
क्या है मामला : 17 अगस्त 2011 को देवरी थाना में महेंद्र गिरि (पिता स्व. कांग्रेस गिरि) के फर्द बयान पर प्राथमिकी (कांड संख्या 106/11) दर्ज की गयी थी. यह फर्द बयान गिरिडीह सदर अस्पताल में नगर पुलिस ने दर्ज किया था. प्राथमिकी में कहा गया था कि 16 अगस्त 2011 की रात करीब 10 बजे उसके पिता अपने गांव स्थित राशन की दुकान को बंद कर घर लौट रहे थे.
वह अपने पिता से थोड़ी दूर पीछे-पीछे चल रहा था. तभी जब गौतम गिरि के घर के पास गौतम गिरि, पवन गिरि, संजय गिरि, वासुदेव गिरि, इंद्रदेव गिरि, रामदेव गिरि, बालदेव गिरि, सुधीर गिरि लाठी व टांगी लेकर निकले और उसके पिता को पकड़कर अपने घर में घुसाने लगे. साथ ही उसके पिता के पास से 15 हजार गौतम गिरि ने छीन लिया.
इसी क्रम में उसके पिता छुड़ाकर अपने घर की ओर भागने लगे. वे सभी उसके पिता के पीछे मारो-मारो कहकर दौड़ने लगे और मेरे घर के पास वासुदेव गिरि ने मेरे पिता को पकड़ लिया. इसके बाद सभी लोग टांगी एवं लाठी से मारने लगे. इससे उसके पिता गिर पड़े. हल्ला करने पर आरोपित उसे भी मारने के लिए दौड़े. जान बचाकर किसी तरह घर में घुस गया. मारपीट के बाद आरोपित उसके पिता को छोड़कर भाग गये. इसके बाद गंभीर रूप से जख्मी पिता को लेकर गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचा. जहां चिकित्सक ने देखते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया.
फोटोग्राफर पर भड़के सजायाफ्ता
आजीवन कारावास की सजा पाने वाले लोग फोटो खींचने के कारण फोटोग्राफरों पर भड़क गये. इस दौरान फोटोग्राफरों के कैमरा पर इन लोगों ने झपट्टा भी मारा. साथ ही फोटो खींचने से नाराज होकर हो-हल्ला भी शुरू कर दिया. बाद में सभी को लेकर पुलिसकर्मी चले गये.
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